जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर देर रात 7.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे व्यापक दहशत फैल गई। शुरुआत में कई तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में खतरा टलने पर हटा दिया गया।जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप आओमोरी और होक्काइडो के बीच समुद्री क्षेत्र में आया और इसका केंद्र समुद्र तल से लगभग 50–53 किलोमीटर गहराई पर था।

सुनामी चेतावनी जारी पर बाद में हटाई गई
भूकंप के तुरंत बाद JMA ने 3 मीटर तक ऊंची सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया।होक्काइडो के उराकावा शहर और आओमोरी के मुत्सु ओगावारा पोर्ट पर 40 सेंटीमीटर तक की लहरें रिकॉर्ड की गईं।स्थिति सामान्य होने के बाद एजेंसी ने सभी चेतावनियाँ वापस ले लीं।
USGS की पुष्टि
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 11:15 बजे आया। इसका केंद्र मिसावा शहर से लगभग 84 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व था।फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इस हादसे में 23 लोग घायल हुए हैं।आओमोरी क्षेत्र में 2,000 से अधिक घरों की बिजली प्रभावित हुई।कई होटलों और इमारतों में नुकसान की जानकारी भी सामने आई है।परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा जांच जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि आपातकालीन टास्क फोर्स को सक्रिय किया गया है और बचाव-बचाव अभियान जारी है।उन्होंने कहा, “लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। सरकार हर संभव कदम उठा रही है।”
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी की सात टेक्टोनिक प्लेटें लगातार हिलती-डुलती रहती हैं। इनके टकराने से फॉल्ट लाइन बनती है। अधिक दबाव बनने पर प्लेटें टूटती हैं और ऊर्जा बाहर निकलने से भूकंप आता है।भूकंप को रिक्टर स्केल से मापा जाता है, जिसकी रेंज 1 से 9 तक होती है।भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) वह स्थान होता है जहां से ऊर्जा बाहर निकलती है। केंद्र के आसपास का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।








