जीरकपुर के सिंघपुरा इलाके में बिल्डर अमित दुआ के प्रोजेक्ट के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंद्रजीत सिंह, गुरबाज सिंह और शिवशंकर के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इस पूरी वारदात के पीछे की साजिश, फायरिंग करवाने वाले लोगों और इसके मकसद का पता लगाने में जुटी हुई है।
दरअसल, 21 अगस्त की सुबह सिंघपुरा स्थित रोजर्स एलीना कंपनी के गेट के बाहर दो युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे थे। दोनों युवकों ने प्रोजेक्ट के गेट के पास बाइक रोकी। इसके बाद एक युवक बाइक से नीचे उतरा और उसने गेट के बाहर करीब तीन राउंड फायरिंग की। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। फायरिंग करने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
बिल्डर अमित दुआ ने पुलिस को बताया कि उन्हें पिछले करीब डेढ़ साल से लगातार विदेशी नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे थे। फोन करने वाले लोग उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते थे। अमित दुआ के मुताबिक, इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायतें दी जा चुकी हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट के बाहर हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने धमकी वाले एंगल को भी जांच में शामिल किया है।


पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 308(4), 125 और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक रामगढ़ भूड़ा से इंद्रजीत सिंह निवासी ख्वा और गुरबाज सिंह निवासी पटियाला को गिरफ्तार किया गया। वहीं, तीसरे आरोपी शिवशंकर निवासी रामगढ़ भूड़ा को एक किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में इस मामले से जुड़े पुराने कारोबारी विवाद और रंजिश का एंगल भी सामने आया है। बिल्डर अमित दुआ ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी में शुभम बेदी नामक मैनेजर पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के आरोप लगाए गए थे। बिल्डर का आरोप है कि इस मामले में शुभम बेदी की पत्नी और उसका जीजा भी कथित तौर पर जुड़े हुए थे।अमित दुआ को आशंका है कि प्रोजेक्ट के बाहर हुई फायरिंग इसी पुराने विवाद से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने पुलिस के सामने शुभम बेदी के जीजा और परिवार से जुड़े लोगों की संभावित भूमिका की आशंका भी जताई है। हालांकि, पुलिस अभी इस एंगल की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही फायरिंग की असली वजह और इसके पीछे शामिल लोगों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।पुलिस अब गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को फायरिंग के लिए किसने भेजा था, हथियार कहां से आया, फायरिंग करवाने के पीछे क्या मकसद था और क्या इस पूरी वारदात के पीछे कोई और व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है।फिलहाल पुलिस की जांच कई एंगल से आगे बढ़ रही है। एक तरफ बिल्डर को मिल रही धमकियों की जांच की जा रही है, तो दूसरी तरफ पुराने कारोबारी विवाद और कथित करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े विवाद को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।जीरकपुर जैसे व्यस्त इलाके में प्रोजेक्ट के गेट के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस की कोशिश है कि फायरिंग की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाए और इस वारदात के पीछे मौजूद सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।










