असम के दिग्गज सिंगर, म्यूज़िक आइकॉन और करोड़ों दिलों की धड़कन जुबीन गर्ग अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़, उनकी कला और उनकी आत्मा आज भी लोगों के दिलों में गूंज रही है। उनके निधन के डेढ़ महीने बाद, आज उनकी आखिरी फिल्म ‘रोई-रोई बिनाले’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई है और इस रिलीज़ के साथ असम में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।
बारिश में भी फैंस की भीड़
असम के हर थिएटर के बाहर सुबह 4 बजे से ही भारी बारिश में फैंस की भीड़ जुटने लगी। लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में गर्व और कृतज्ञता की लहर है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि अपने प्रिय कलाकार जुबीन गर्ग को समर्पित एक भावनात्मक श्रद्धांजलि बन चुकी है।राज्य के लगभग सभी थिएटरों में फिल्म हाउसफुल चल रही है। अगले सात दिनों तक के शो एडवांस बुक हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम में इस वक्त किसी और फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं हो रही है हर स्क्रीन सिर्फ जुबीन गर्ग की “रोई-रोई बिनाले” को समर्पित है।
जुबीन गर्ग का ड्रीम प्रोजेक्ट
फिल्म ‘रोई-रोई बिनाले’ जुबीन गर्ग का ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिस पर वे पिछले 19 वर्षों से काम करने का सपना देख रहे थे। दुर्भाग्यवश, उनकी मौत से कुछ ही दिन पहले फिल्म पूरी हुई।इस फिल्म में जुबीन गर्ग ने एक अंधे गायक की भूमिका निभाई है। एक ऐसा कलाकार जो अपनी सीमाओं के बावजूद संगीत के जरिए समाज को नया दृष्टिकोण देता है। फिल्म में 11 गाने हैं, जिनका संगीत और गायन दोनों खुद जुबीन ने किया है।
असम से लेकर देशभर में बना माहौल
असम में ही नहीं, बल्कि देशभर के 46 शहरों में फिल्म को एक साथ रिलीज किया गया है जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, जयपुर, देहरादून, गोवा और कटक शामिल हैं।पूरे भारत में फिल्म को 800 स्क्रीन मिली हैं। यह असमिया सिनेमा के इतिहास में पहली बार है जब किसी स्थानीय भाषा की फिल्म को इतना बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है। “रोई-रोई बिनाले” 100 करोड़ रुपये से कम की कमाई नहीं करेगी, जो असम फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
श्रद्धांजलि और सरकार की घोषणा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फिल्म की रिलीज पर जुबीन गर्ग को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और घोषणा की कि फिल्म से होने वाली कमाई पर लगने वाला GST टैक्स माफ किया जाएगा।सरकार ने यह भी घोषित किया है कि फिल्म पर टैक्स से होने वाली पूरी कमाई कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन को दी जाएगी ।वह संस्था जिसे खुद जुबीन गर्ग ने कलाकारों के उत्थान के लिए बनाया था।

जुबीन की आखिरी चिट्ठी: “रुको, मेरी नई फिल्म आ रही है”
रिलीज से पहले जुबीन गर्ग की हस्तलिखित चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।उन्होंने लिखा था-“रुको, मेरी नई फिल्म आ रही है। जरूर देखना।
प्यार,जुबीन दा।”उनकी पत्नी गरिमा गर्ग ने यह चिट्ठी इंस्टाग्राम पर साझा की और लिखा-“हर शब्द दिल को छूता है, लेकिन इस खाली सीने में जलन भी है। एक सवाल-19 सितंबर को क्या हुआ? कैसे, क्यों? जब तक जवाब न मिले, चैन नहीं।”यह चिट्ठी अब लाखों फैंस के लिए एक भावनात्मक प्रतीक बन चुकी है।
जुबीन गर्ग की विरासत
19 सितंबर को सिंगापुर में जुबीन गर्ग का आकस्मिक निधन हुआ था। उनकी अंतिम यात्रा में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। आज उनका घर, उनका संगीत स्टूडियो और उनकी यादें असम के लिए तीर्थस्थल बन चुके हैं।
जुबीन गर्ग: एक नाम, जो कभी नहीं मिटेगा
असम के लिए जुबीन गर्ग सिर्फ एक कलाकार नहीं थे। वे एक भावना, एक प्रेरणा और एक युग थे। उनकी आखिरी फिल्म “रोई-रोई बिनाले” ने उनके जीवन, उनके संगीत और उनके संघर्ष को सिनेमा के ज़रिए अमर कर दिया है।