Zirakpur में जलभराव रोकने की तैयारी

मानसून के मौसम को देखते हुए जीरकपुर नगर परिषद ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए नगर परिषद ने नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने का अभियान शुरू कर दिया है। नगर परिषद के प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) परविंदर सिंह भट्टी स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को नगर परिषद की टीम ने वार्ड नंबर-6 का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में मौजूद बरसाती नालों और जल निकासी व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वार्ड इंचार्ज मुकेश सेन भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। निरीक्षण के दौरान बरसाती नाले में गाद और अन्य अवरोध मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ड्रेनेज सिस्टम के ब्लॉक पड़े चैंबरों की सफाई और आवश्यक मरम्मत करने के भी आदेश जारी किए गए। नगर परिषद का उद्देश्य है कि बारिश के दौरान पानी की निकासी बिना किसी रुकावट के होती रहे और शहर में जलभराव की स्थिति न बने। नगर परिषद के प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव न हो, इसके लिए परिषद पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि शहर के संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां विशेष निगरानी रखते हुए सफाई और जल निकासी से जुड़े कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण जारी रखने के भी निर्देश दिए। कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी ने बताया कि नगर परिषद की टीमें आने वाले दिनों में शहर के सभी वार्डों का क्रमवार निरीक्षण करेंगी। जहां भी नालों की सफाई, डी-सिल्टिंग, ड्रेनेज चैंबरों की मरम्मत या अन्य आवश्यक कार्यों की जरूरत होगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का लक्ष्य मानसून के दौरान नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।

मानसून से पहले जीरकपुर में जलभराव रोकने की तैयारी तेज

मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से बचाव के लिए जीरकपुर नगर परिषद ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिषद का कहना है कि बारिश के मौसम में किसी भी इलाके में पानी जमा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार शहर के विभिन्न हिस्सों में नालों, सीवर लाइनों और ड्रेनेज सिस्टम की लगातार जांच की जा रही है। जहां कहीं भी पानी की निकासी में रुकावट या तकनीकी कमी सामने आ रही है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इन समस्याओं का समाधान करने से बारिश के दौरान लोगों को काफी राहत मिलेगी। कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी ने बताया कि नगर परिषद की टीमें लगातार अलग-अलग वार्डों का दौरा कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान नालों की सफाई, ड्रेनेज चैंबरों की स्थिति और जल निकासी व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्थान पर मरम्मत या अतिरिक्त सफाई की आवश्यकता होगी तो उसे बिना देरी पूरा किया जाएगा। नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में पूरे शहर के सभी वार्डों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण किया जाएगा। जरूरत के अनुसार नालों की डी-सिल्टिंग, चैंबरों की सफाई, जल निकासी मार्गों की मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्य युद्धस्तर पर पूरे किए जाएंगे, ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने कहा कि नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बारिश के मौसम में सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। समय रहते किए जा रहे इन कार्यों से जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण रखने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे शहर में यातायात और जनजीवन सामान्य बना रहे।

मानसून के मद्देनज़र जीरकपुर नगर परिषद ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर बरसाती नालों और ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नालों में गाद और कचरा जमा मिला, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों को तत्काल डी-सिल्टिंग का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी करना प्राथमिकता है। इसके साथ ही ड्रेनेज चैंबरों में आई रुकावटों को दूर करने और जरूरत पड़ने पर उनकी मरम्मत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नगर परिषद का मानना है कि समय रहते इन कार्यों को पूरा करने से बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारु बनी रहेगी और जलभराव की समस्या काफी हद तक नियंत्रित की जा सकेगी। नगर परिषद के प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क ने बताया कि शहर के संवेदनशील और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की पहले ही पहचान कर ली गई है। इन इलाकों में विशेष निगरानी रखते हुए सफाई और जल निकासी से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य मानसून के दौरान नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी ने बताया कि नगर परिषद की टीमें लगातार अलग-अलग वार्डों का दौरा कर रही हैं। जहां भी नालों की सफाई, ड्रेनेज चैंबरों की मरम्मत या जल निकासी व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी सामने आएगी, उसे तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि सफाई अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नगर परिषद ने बताया कि आने वाले दिनों में शहर के सभी वार्डों का चरणबद्ध निरीक्षण जारी रहेगा। आवश्यकता के अनुसार नालों की डी-सिल्टिंग, ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य युद्धस्तर पर किए जाएंगे। परिषद का विश्वास है कि समय रहते किए जा रहे इन प्रयासों से इस मानसून में जीरकपुर में जलभराव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

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