Zirakpur में अधूरी सड़क निर्माण से जनता परेशान

Zirakpur के वसंत विहार-2 क्षेत्र में सड़क निर्माण का अधूरा कार्य स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। नगर परिषद द्वारा शुरू किया गया यह विकास कार्य पिछले लगभग चार महीनों से बंद पड़ा है, जिससे पूरे इलाके में असुविधा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर परिषद चुनाव से पहले सड़क निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन जैसे ही चुनाव संपन्न हुए, काम अचानक रोक दिया गया। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। टूटी और उखड़ी हुई सड़क के कारण क्षेत्रवासियों को रोजाना धूल, गड्ढों और असमान रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे न केवल वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि पैदल चलने वाले बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा बन गया है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है। अधूरे पड़े विकास कार्यों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है। वार्ड नंबर-13 के पार्षद सुखबीर सिंह ने इस मामले में नगर परिषद अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार जेई मेजर सिंह से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें ऊपर से राजनीतिक दबाव का हवाला देकर टाल दिया गया। पार्षद ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है।

उन्होंने बताया कि ठेकेदार राकेश ने भी यही कहते हुए काम करने से इनकार कर दिया कि यदि वह सड़क बना भी देगा तो उसे भुगतान नहीं मिलेगा। पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। लोगों ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, लेकिन इलाके में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क और ड्रेनेज का काम पूरा नहीं हुआ तो बारिश के दौरान सड़क तालाब में बदल जाएगी, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होगी। क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर तुरंत सड़क निर्माण शुरू कराया जाए और बारिश से पहले ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो इलाके के लोग बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। मौके पर वार्ड-13 के पार्षद सुखबीर सिंह लवली, सुरिंदर कुमार जसलौटिया, सुरिंदर कुमार शर्मा, शैल कुमारी, बलविंदर कौर, एकता गुलाटी, सोनिया, अंजू वर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद रहे।

जीरकपुर में अधूरी सड़क से लोगों की बढ़ी परेशानी

जीरकपुर के वसंत विहार-2 क्षेत्र में अधूरी सड़क का निर्माण कार्य स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। नगर परिषद द्वारा शुरू किया गया यह विकास कार्य पिछले लगभग चार महीनों से बंद पड़ा है, जिससे पूरे इलाके में असुविधा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद चुनाव से पहले इस सड़क का निर्माण तेजी से किया जा रहा था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य अचानक रोक दिया गया। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया है, जिससे लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। टूटी-फूटी और उखड़ी हुई सड़क के कारण क्षेत्र में धूल, गड्ढों और असमान रास्तों की स्थिति बनी हुई है। इससे न केवल पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी यह मार्ग बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरे पड़े विकास कार्यों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है। वार्ड नंबर-13 के पार्षद सुखबीर सिंह ने इस मामले में नगर परिषद अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार जेई मेजर सिंह से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें राजनीतिक दबाव का हवाला देकर टाल दिया गया, जिससे स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

पार्षद ने यह भी दावा किया है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें अधिकारियों द्वारा सड़क निर्माण कार्य रोकने की बात कही गई है। इस आरोप ने नगर परिषद की कार्यशैली पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही ठेकेदार राकेश ने भी भुगतान न मिलने के कारण काम आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू करना संभव नहीं है। क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि आने वाले दिनों में बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, लेकिन इलाके में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में सड़क पर जलभराव होने और पूरे क्षेत्र के तालाब में बदल जाने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी कठिन हो जाएगी। नगर परिषद प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि राजनीतिक विवादों से ऊपर उठकर तुरंत सड़क निर्माण कार्य को पुनः शुरू किया जाए और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। वहीं, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे |

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