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West Bengal Election में हिंसा और EVM विवाद से तनाव

BJP ने पश्चिम बंगाल चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी और हिंसा के आरोप लगाए साउथ 24 परगना में गाड़ी तोड़फोड़ और हुगली में कार्यकर्ताओं के बीच झड़प से तनाव बढ़ा पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 11 बजे तक 39.97% वोट डाले जा चुके हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में हाथापाई के मामले सामने आए हैं। भाजपा ने यह दावा किया है कि डायमंड हार्बर के फाल्टा में EVM में BJP के बटन को टेप लगाकर अक्षम कर दिया गया है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि यदि शिकायत सही साबित होती है, तो फिर से मतदान कराया जाएगा। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई इलाकों में तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य की 142 सीटों पर मतदान जारी है और सुबह 11 बजे तक लगभग 39.97% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीदों के बीच कई जगहों पर झड़प, तोड़फोड़ और गंभीर आरोपों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में EVM विवाद और हिंसा के आरोप मतदान के दौरान तनाव बढ़ा

भारतीय जनता पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि डायमंड हार्बर के फाल्टा क्षेत्र में एक ईवीएम मशीन में उनके चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप लगाकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया। पार्टी ने इसे मतदान प्रक्रिया में गंभीर हस्तक्षेप बताया है। इस मामले पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान कराया जा सकता है। इसी बीच साउथ 24 परगना जिले में बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए और उनके सुरक्षा कर्मी से हथियार छीनने की कोशिश भी की गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

हुगली में मतदान के दौरान हिंसा और झड़प चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल

हुगली जिले के खानकुल क्षेत्र में भी मतदान के दौरान हिंसा की खबरें सामने आईं। यहां बूथ पर फर्जी पोलिंग एजेंट को लेकर तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट समर्थित ISF कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना ने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 142 में से 123 सीटों पर बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार के चुनाव में भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड 93% मतदान दर्ज किया गया था, जबकि सभी चरणों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। मौजूदा घटनाओं के बीच चुनाव आयोग की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनी हुई है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में हिंसा और झड़पें वोटिंग के बीच माहौल तनावपूर्ण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया के बीच कई जगहों से हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य के साउथ 24 परगना जिले में बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके काफिले पर हमला किया गया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। इस घटना ने इलाके में राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है, जहां पहले से ही विभिन्न दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। विकास सरदार ने यह भी दावा किया कि हमले के दौरान उनके सुरक्षा कर्मी से हथियार छीनने की कोशिश की गई, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। इस मामले की जांच पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है। इसी बीच हुगली जिले के खानकुल क्षेत्र में भी मतदान के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां बूथ पर फर्जी पोलिंग एजेंट को लेकर तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट समर्थित ISF कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। इन घटनाओं ने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में लगातार हो रही घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। चुनाव आयोग भी पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने 142 में से 123 सीटों पर बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड 93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जबकि सभी चरणों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। मौजूदा घटनाओं के बीच पूरे राज्य की नजर अब चुनाव आयोग की आगे की कार्रवाई और अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है।

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