Chandigarh चिन्नी हत्याकांड में शूटर सहित 6 लोगों को पुलिस रिमांड पर लिया गया: आमने-सामने बैठाकर की जाएगी पूछताछ, जिम के बाहर फायरिंग की गई थी; गैंगस्टर के कहने पर हुई हत्या। चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिन में गोली मारकर हत्या के इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्राइम ब्रांच ने दो शूटरों सहित चार सहायता करने वाले आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर रिमांड पर लिया है। अब सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर जांच की जाएगी, ताकि इस हत्या के पीछे की सम्पूर्ण साजिश, फंडिंग और आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हो सके। पुलिस के अनुसार, फिरोजपुर के निवासी आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर के निवासी आरोपी प्रीतम शाह को हरियाणा के कैथल जिले से लाया गया। वहीं, शूटरों को हथियार, बाइक और आर्थिक सहायता देने के आरोप में मोहाली के जुझार नगर निवासी आरोपी जानू मलिक, बुड़ैल के निवासी आरोपी कमलप्रीत उर्फ कमू, मलोया गांव के निवासी आरोपी राहुल शर्मा और बुड़ैल के निवासी आरोपी विक्की को भी बुड़ैल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है क्राइम ब्रांच ने पहले ही मुख्य आरोपी राजन का तीन दिन का पुलिस रिमांड ले लिया था। मंगलवार को सभी आरोपी अदालत में लाए गए, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
जिम के बाहर चलाई गई थीं गोलियां
घटना 18 मार्च की है, जब सेक्टर-9 में एक जिम के बाहर प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की रविवार दोपहर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, चमनप्रीत रोजाना की तरह जिम में कसरत करने के बाद बाहर निकला था। जैसे ही वह जिम के गेट से बाहर आया, पहले से घात लगाए बैठे आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान ने उसे निशाना बनाते हुए करीब से लगातार फायरिंग कर दी। मौके पर उपस्थित व्यक्तियों के अनुसार, आरोपी ने कुछ सेकंड में कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे चमनप्रीत गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना के दौरान दूसरा आरोपी प्रीतम शाह थोड़ी दूर पर बाइक चालू कर खड़ा था और सभी घटनाओं पर निगरानी रख रहा था, ताकि हमले के बाद दोनों तुरंत भाग सकें। फायरिंग खत्म होते ही, आरोपी राजन तेजी से बाइक की ओर दौड़ा, जहां पहले से मौजूद प्रीतम शाह ने उसे बैठा लिया और दोनों आरोपी वहां से भाग निकले। यह पूरी घटना इतनी जल्दी हुई कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आरोपी वहां से जा चुके थे।
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में हुए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की दिनदहाड़े हत्या मामले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल केस में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शूटरों सहित कुल 6 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया है। सभी आरोपियों से अब गहन पूछताछ की जा रही है और उन्हें आमने-सामने बैठाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश, फंडिंग नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।



संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध
वारदात के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की खोज में कई टीमों का गठन किया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की जानकारी के आधार पर आरोपियों की जगह ट्रेस की गई। इसी दौरान इनपुट मिला कि दोनों शूटर हरियाणा की दिशा में भाग गए हैं। इसके पश्चात पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कैथल जिले के चौशाला गांव के आस-पास सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने क्षेत्र को घेर लिया और संदिग्धों की खोज की। कुछ समय तक निगरानी रखने के बाद पुलिस को दोनों आरोपियों की मौजूदगी की ठोस जानकारी प्राप्त हुई। जब आरोपी वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस टीम ने उन्हें चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। खबरों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपियों ने逃ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तत्परता के कारण वे भाग नहीं पाए। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई, जिससे हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
गैंगस्टर के आदेश पर की गई हत्या
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने यह बात सामने आई है कि चमनप्रीत की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत करवाई गई। इस घटना के पीछे कुख्यात गैंगस्टर लकी पटियाल का नाम उभरा है। पुलिस को मिली सूचना के अनुसार, आरोपी लकी पटियाल विदेश में रहकर बंबीहा गैंग का संचालन कर रहा है और उसी के निर्देश पर शूटरों को यह कार्य सौंपा गया था। कहा जा रहा है कि आरोपियों को टारगेट की पूरी जानकारी पहले ही दी गई थी और घटना से पहले इलाके की रेकी भी करवाई गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्या के लिए धन का स्रोत कौन था, हथियार किस जगह से लिए गए और इसमें शामिल अन्य लोग कौन हैं। इसी कारण पुलिस सभी संदिग्धों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है, ताकि हर आरोपी की दी गई जानकारी का मिलान करके पूरी साजिश का सत्य सामने आ सके। अधिकारियों का मानना है कि इस पूछताछ से गैंग के नेटवर्क, वित्तीय स्रोत और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ निकल सकती हैं।










