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AAP बैठक में हलचल, Sisodia का बयान चर्चा में

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर कथित बंटवारे और अंदरूनी मतभेदों की खबरों के बीच पार्टी ने अहम बैठक बुलाई, जिसमें कई विधायक (MLA) और ऑब्जर्वर शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब संगठन के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं लगातार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह बैठक संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर काम को और प्रभावी बनाने के लिए की गई है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, संगठनात्मक ढांचे और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया भी नेतृत्व के सामने रखी। बैठक में यह भी तय किया गया कि पार्टी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और पूरी फोकस सरकार के कामकाज और जनहित के मुद्दों पर रखा जाए। अंदरूनी तौर पर पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में गतिविधियां बढ़ गई हैं। विधायकों के टूट को रोकने के लिए प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज जालंधर में एक बैठक आयोजित की। यह बैठक लगभग 3 घंटे 30 मिनट तक चली। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया और बाहर चले गए।

जाने से पहले सिसोदिया ने भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा गद्दारों से भरी हुई है। इसमें सभी लोग भ्रष्ट हैं। लोगों को उनकी बातों में नहीं आना चाहिए। यह मीटिंग 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों के साथ आयोजित की गई, लेकिन इसमें विधायक भी उपस्थित हुए। मीटिंग के एजेंडे को लेकर सभी MLA भ्रमित नजर आए। कोई इसे नियमित मीटिंग, कोई विशेष सत्र के तौर पर तो कोई इसे निगम चुनाव के लिए मीटिंग बताता दिखा। पहले मीटिंग का स्थान जालंधर में CM निवास तय किया गया था, लेकिन बाद में इसे शाहपुर सिटी कैंपस में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मीटिंग में CM भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मीटिंग से पूर्व विधायकों और ऑब्जर्वर्स के लिए गेम्स का आयोजन किया गया। विधायक रस्सी खींचते हुए देखे गए। इस गेम के जरिए पार्टी ने आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया और इसी बहाने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।

मनीष सिसोदिया ने ये बातें व्यक्त कीं…

ऐसी बैठकें हर 3-4 महीने में आयोजित होती हैं: जानकारी देते हुए मनीष सिसोदिया ने बताया- AAP ने प्रत्येक 15 गांव या वार्ड पर पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इनका उद्देश्य समय-समय पर संगठन के सदस्यों से संपर्क बनाना, उनके कार्यों और समस्याओं को समझना और उन्हें पार्टी के उच्च नेतृत्व तक पहुंचाना है। इनके विषयों पर हर 3-4 महीने में बैठकें होती आ रही हैं। इस बार भी पर्यवेक्षकों ने ढाई लाख स्वयंसेवकों की बैठकें आयोजित की थीं। उनके बारे में आज की बैठक में चर्चा की गई। पार्टी कार्यकर्ता पहले से प्रेरित: सिसोदिया ने कहा- आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता पहले से प्रेरित है। वे पहले से ही प्रेरणा लेकर काम कर रहे हैं। उन्हें प्रेरणा किसी विधायक या नेता से नहीं मिलती। उन्हें प्रेरणा इस बात से मिलती है कि उनकी सरकार कार्य कर रही है या नहीं। AAP ने सभी क्षेत्रों में इतना काम किया है जो पिछली सरकारें 75-80 सालों में नहीं कर पाईं।

हमारे विधायक पार्टियों से नहीं, जनता के संपर्क में: पार्टी में विभाजन पर सिसोदिया ने कहा- हमारे विधायक सभी से जुड़े हैं। वे सबसे ज्यादा आम जनता के संपर्क में हैं। हमारे विधायक उन लोगों से जुड़े हैं, जिन्होंने उन्हें चुना है। उन्होंने 4 साल जनता के लिए कार्य किया है। 1 साल और उनके लिए काम करेंगे। फिर दोबारा चुनकर आएंगे। भाजपा की बातों पर विश्वास मत करो: विरोधी दलों की बयानों पर सिसोदिया ने कहा- भाजपा एक घटिया और झूठी पार्टी है। उसकी बातों का भरोसा मत करो। वह तो गद्दारों से भरी हुई है। विभिन्न दलों के गद्दार उसमें शामिल हैं। उनके कहने का असर नहीं लेना चाहिए। भाजपा को केवल देश तोड़ने, पार्टी तोड़ने, ED और CBI का इस्तेमाल करने की कला आती है। इन लोगों से देश का काम नहीं होगा। बताइए, भाजपा ने कभी देश में कोई अस्पताल खोला है? कभी कोई विद्यालय स्थापित किया? भाजपा ने sincerity से नौकरियां दीं? क्या उसने व्यापारियों का व्यापार विकसित किया? क्योंकि बीजेपी को कुछ नहीं पता। उसे सिर्फ ये निम्नस्तरीय बातें आती हैं। उनकी बातों पर मत जाओ। वे खराब लोग हैं।

मीटिंग में शामिल हुए MLAs ने क्या बताया…

नकोदर विधायक ने कहा- चुनाव की तैयारियों के लिए बैठक

पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) की गतिविधियाँ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नकोदर से पार्टी की विधायक इंद्रजीत कौर मान ने हाल ही में चल रही संगठनात्मक बैठकों को लेकर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुई बैठक नहीं है, बल्कि पिछले चार महीनों से चल रही एक तय प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आगामी राजनीतिक तैयारियों को मजबूत करना है। उनके अनुसार, यह पूरा अभ्यास जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति को समझने और संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है। इंद्रजीत कौर मान ने बताया कि पंजाब में आने वाले समय में चुनाव का माहौल बनने वाला है, और इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों ने राज्य के हर गली और मोहल्ले में जाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इन रिपोर्टों के आधार पर यह आकलन किया जा रहा है कि जनता की क्या अपेक्षाएं हैं और सरकार के कामकाज को और कैसे बेहतर किया जा सकता है। आज की बैठक में इन्हीं रिपोर्टों को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

सोनिया मान ने कहा- AAP से इस्तीफा देने वाले सांसदों ने नैतिकता से समझौता किया है।

पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही बैठकों और अंदरूनी चर्चाओं के बीच विधायक सोनिया मान का बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में इस तरह की बैठकें नियमित रूप से होती रहती हैं और इन्हें किसी विशेष संदर्भ में जोड़कर देखना सही नहीं है। उनके अनुसार, संगठनात्मक बैठकों का उद्देश्य केवल पार्टी की कार्यप्रणाली को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना होता है। सोनिया मान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इन बैठकों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों की बात की जा रही है, वे पहले भी बीजेपी के साथ किसी न किसी तरह से जुड़े रहे हैं और उनके निर्णय राजनीतिक अवसरवाद से प्रेरित रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोगों को आरामदायक जीवन और व्यक्तिगत लाभ की चिंता अधिक रहती है, न कि विचारधारा या संगठन की मजबूती की।

सिसोदिया ने यह आरोप लगाया था

पंजाब की राजनीतिक गतिविधियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के बयान ने स्थिति को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने साफ किया है कि हाल ही में बुलाई गई बैठक को लेकर जो तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। सिसोदिया के अनुसार यह कोई आपातकालीन या संकट वाली बैठक नहीं थी, बल्कि यह संगठनात्मक प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है। 28 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सिसोदिया ने स्पष्ट कहा था कि यह बैठक केवल ऑब्जर्वरों के साथ आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि पार्टी में इस तरह की समीक्षा बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं, जिनका उद्देश्य जमीनी स्तर की रिपोर्टों को समझना और संगठन को मजबूत करना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बैठक को किसी राजनीतिक संकट या विधायकों की आपात बैठक के रूप में देखना पूरी तरह भ्रामक है।

सिसोदिया ने यह भी कहा कि विपक्ष और कुछ लोग जानबूझकर इस तरह की बैठकों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन के काम पर फोकस बनाए रखें। उनके अनुसार पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी स्तरों पर समन्वय के साथ काम चल रहा है। उन्होंने आगे यह भी संकेत दिया कि पंजाब में संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर यह बैठक बेहद अहम थी। सिसोदिया का कहना है कि आम आदमी पार्टी का ध्यान केवल विकास कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान पर है, न कि बेबुनियाद राजनीतिक चर्चाओं पर। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आने वाले समय में और अधिक मजबूती के साथ अपने काम को आगे बढ़ाएगी और जनता के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करेगी।

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