पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन,81 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, कानपुर और कांग्रेस में शोक की लहर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। 81 वर्षीय जायसवाल ने कानपुर के पोखरपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें कार्डियोलॉजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर की राजनीति का बड़ा नाम थे।1999, 2004 और 2009 में वे लगातार तीन बार कानपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे।पहली बार उन्होंने 1999 में भाजपा के जगतवीर सिंह द्रोण को हराकर संसद में प्रवेश किया।2004 में मनमोहन सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया।2009 में तीसरी जीत के बाद वे कोयला राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने और 26 मई 2014 तक इस पद पर रहे।कांग्रेस संगठन में भी उनका कद काफी ऊँचा था। 4 दिसंबर 2000 को उन्हें सलमान खुर्शीद की जगह उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने जुलाई 2002 तक जिम्मेदारी संभाली।

कानपुर के विकास में प्रमुख योगदान

केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने कानपुर को कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ दीं। श्रम शक्ति एक्सप्रेस,उद्योग नगरी एक्सप्रेस,सीओडी पुल व शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल सुविधाओं को मजबूत करने में श्रीप्रकाश जायसवाल की विशेष भूमिका रही।कानपुर में कांग्रेस को मजबूत करना, संगठन खड़ा करना और जनता से जुड़े रहना उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही।

1989 में मेयर से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक

जायसवाल का राजनीतिक सफर 1989 में कानपुर के मेयर के रूप में शुरू हुआ।उसके बाद 1999 से 2014 तक लगातार 15 वर्षों तक सांसद रहे।भाजपा के मजबूत उम्मीदवारों सतीश महाना, सत्यदेव पचौरी को हराया।2014 में भाजपा ने उन्हें हराने के लिए अपने वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी को मैदान में उतारा।2014 और 2019 दोनों चुनाव वे हार गए। 2024 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा।कोरोना काल के बाद श्रीप्रकाश जायसवाल स्वास्थ्य बिगड़ता गया।करीब 2020 से उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी।स्मृति संबंधी समस्याएँ,लोगों को पहचानने में कठिनाई,शारीरिक कमजोरी और हाल के महीनों में उनकी हालत और बिगड़ गई थी।

परिजनों के अनुसार, उनके बड़े बेटे सिद्धार्थ जायसवाल कनाडा में हैं।इसी कारण अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा।उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक फैल गया है।कांग्रेस नेताओं ने उन्हें जुझारू, कर्मठ और जनप्रिय नेता बताया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की।कानपुर और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

 

Exit mobile version