नवीनतम स्थिति क्या है
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, एआईएडीएमके बढ़त बनाए हुए है. AIADMK तीन स्थानों पर अग्रणी है। दूसरे स्थान पर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम मौजूद है. टीवीके के उम्मीदवार दो स्थानों पर नेतृत्व कर रहे हैं. डीएमके और सीपीआई ने एक-एक सीट पर अग्रता प्राप्त की है. डीएमके 51 और एआईडीएमके 54 सीटों पर बढ़त में हैं, जबकि अन्य पार्टी 85 सीटों पर आगे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम आज देश भर में चर्चा का विषय हैं। इस बार का चुनाव कई दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक नया अभिनेता आया है—फिल्म स्टार से राजनीति में कदम रखा है थलापति विजय। उनकी पार्टी, तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके), पहली बार इतनी बड़ी संख्या में चुनावी समर में भाग ले रही है, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक हो गई है।
राज्य में इस बार चार मुख्य दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा हो रही है। एक तरफ AIADMK है, जबकि दूसरी तरफ DMK अपनी स्थिति को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। इसी बीच Tamilaga Vettri Kazhagam नामक नया विकल्प उभरा है, जिसने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, AIADMK ने बढ़त बनानी शुरू कर दी है और कुछ सीटों पर आगे है। इसके बाद विजय की पार्टी टीवीके भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और शुरुआती दौर में कुछ सीटों पर बढ़त हासिल कर चुकी है। वहीं DMK और अन्य दल भी पीछे नहीं हैं और मुकाबला तीव्र बना हुआ है। यदि बड़े रुझानों पर नजर डालें तो कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार DMK और AIADMK के बीच सीधे मुकाबले की स्थिति है, जबकि अन्य दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी कई सीटों पर अड़चनें पैदा की हैं। यह स्थिति दिखाती है कि इस बार किसी एक पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत प्राप्त करना मुश्किल होगा। विजय सबसे ज्यादा सुर्खियों में बने हुए हैं, जिन्होंने दो सीटों—तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरंबूर—से चुनाव लड़ा है। तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट पर वह मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं और अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे हैं। यहां प्रारंभिक गिनती में उन्हें बढ़त मिली है, जो उनके समर्थकों के लिए एक उत्साहजनक संकेत है। टीवीके ने इस चुनाव में “बदलाव की शक्ति” के रूप में अपनी पहचान बनाई है। पार्टी का कहना है कि वह उन मतदाताओं को अपनी ओर खींच रही है जो वर्षों से पारंपरिक द्रविड़ दलों से असंतुष्ट हैं। विजय की प्रसिद्धि और उनकी ताज़ा राजनीतिक छवि ने खासकर युवाओं पर काफी असर डाला है। अब सभी की निगाहें अंतिम परिणामों पर लगी हुई हैं। यह चुनाव केवल सरकार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि तमिलनाडु की राजनीति आने वाले समय में किस दिशा में बढ़ेगी। क्या पारंपरिक दल अपनी स्थिति बनाए रखेंगे, या विजय की नई पार्टी राजनीति में बड़ा परिवर्तन लाएगी—इसका उत्तर आज के परिणामों में छिपा है।
विजय एक सीट पर पहले, एक पर बहुत पीछे
इस चुनाव में जीत खुद तिरुचिरापल्ली पूर्व और पेरंबूर विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव में भाग ले रहे हैं। तिरुचिरापल्ली ईस्ट से विजय के लिए डीएमके का उम्मीदवार एस. निगोडी हृदयराज से आगे निकल रहे हैं. विजय ने 3870 मत प्राप्त किए हैं. वहीं, पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र में विजय काफी पीछे हैं। इस सीट पर कम से कम 12 प्रतियोगी विजय से आगे हैं. पहले स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार एम जोसेफ मौजूद हैं. इस चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने राज्य में बदलाव की क्षमता के रूप में खुद को प्रस्तुत किया था। पार्टी का आरोप है कि उसने पारंपरिक द्रविड़ दलों से नाखुश मतदाताओं को अपनी ओर खींचने में सफलता पाई है. आज के परिणाम न सिर्फ अगले शासन को निर्धारित करेंगे, बल्कि भविष्य के कई वर्षों के लिए राज्य की राजनीति की दिशा भी तय करेंगे।









