दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई और लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा शामिल है। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि एक ही बिल्डिंग से इतने लोगों की जान चली गई। स्थानीय लोग इसे बेहद भयावह और दुखद घटना बता रहे हैं। फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 3:47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 8 बजे आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बिल्डिंग में फंसे 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत और बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मृतकों के शव अलग-अलग फ्लोर से बरामद किए गए हैं। पुलिस और राहत दल के अनुसार, पहले, दूसरे और सीढ़ियों के पास से कई शव मिले हैं। कुछ लोग जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे, लेकिन धुएं और आग की तीव्रता के कारण बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि कुछ शव इतने ज्यादा जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। कई शवों की हालत ऐसी है कि केवल कंकाल ही बचा है। अब सभी की पहचान DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी। हादसे को लेकर अभी तक आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में कुछ लोगों ने शॉर्ट सर्किट को वजह बताया है, जबकि कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि एयर कंडीशनर में धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई। प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है और जल्द ही वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है।
दिल्ली आग हादसा 9 की मौत से मचा हड़कंप फायर सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल
हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम सामने आए हैं, जिनमें अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, बेटा निशांत जैन, बहू आंचल जैन और उनका डेढ़ साल का पोता शामिल है। इसके अलावा दूसरे परिवार के सदस्य भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की वजह को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। कुछ लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि एयर कंडीशनर में धमाके के बाद आग तेजी से फैली। फिलहाल प्रशासन इस मामले की गहन जांच कर रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बिल्डिंग की खिड़कियों और बालकनी पर लगी ग्रिल और लोहे की रॉड ने लोगों को बाहर निकालने में बाधा पैदा की। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से एक व्यक्ति करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी सिस्टम और बिल्डिंग सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने के पीछे असली कारण क्या था और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।


9 मृतकों के नाम सामने आए, लेकिन पहचान मुश्किल
दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में हुए भीषण आग हादसे में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, दर्दनाक जानकारियां सामने आ रही हैं। चार मंजिला इमारत में लगी इस आग ने पूरे परिवारों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई घर पूरी तरह उजड़ गए। बिल्डिंग के अलग-अलग हिस्सों से कुल 9 शव बरामद किए गए हैं। पहले फ्लोर से 1 शव, दूसरे फ्लोर से 5 शव और सीढ़ियों के पास से 3 शव मिले हैं। बताया जा रहा है कि सीढ़ियों का दरवाजा बंद होने के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके और वहीं फंस गए। अधिकारियों का अनुमान है कि कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर की ओर यानी छत की तरफ भागने की कोशिश की होगी, लेकिन धुएं और आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वे बाहर नहीं निकल पाए। यही वजह है कि अधिकतर शव सीढ़ियों और ऊपरी हिस्सों से मिले हैं। दूसरे फ्लोर पर जिन लोगों के शव मिले हैं, उनकी पहचान अरविंद जैन (60), उनकी पत्नी अनीता जैन (58), बेटा निशांत जैन (35), बहू आंचल जैन (33) और डेढ़ साल के पोते आकाश जैन के रूप में हुई है। एक ही परिवार के इतने सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीसरे फ्लोर पर नितिन जैन (50), उनकी पत्नी शैले जैन (48) और उनके बेटे सम्यक जैन (25) के शव पाए गए हैं। इस तरह एक ही इमारत में दो परिवार पूरी तरह खत्म हो गए, जिससे पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
बिल्डिंग के पिछले हिस्से से ज्यादातर शव मिले
दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में हुए भीषण आग हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उससे जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ रहे हैं। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि जिस चार मंजिला इमारत में आग लगी, उसके हर फ्लोर पर दो 4BHK फ्लैट बने हुए थे। यह एक घनी आबादी वाला रिहायशी भवन था, जहां बड़ी संख्या में परिवार रहते थे। आग इमारत के पिछले हिस्से में लगी थी, और वहीं सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए और वहीं फंस गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इस हादसे में कुल 6 फ्लैट्स का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में पूरे फ्लैट धुएं और लपटों से भर गए, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। संपत्ति के साथ-साथ बड़ी संख्या में निजी सामान भी नष्ट हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती इमारत की संरचना रही। खिड़कियों और बालकनी पर लोहे की ग्रिल और रॉड लगी हुई थीं, जिससे दमकल कर्मियों को अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर ग्रिल काटकर लोगों को बाहर निकालना पड़ा।
इसके बावजूद दमकल विभाग की टीम ने बहादुरी दिखाते हुए करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। तेज आग और घने धुएं के बीच यह राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल पाया गया, जो करीब 30 प्रतिशत तक झुलस गया था। उसकी हालत को देखते हुए उसे तुरंत गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस पूरी घटना ने एक बार फिर शहरी इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इमारत में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद थे या कहीं न कहीं नियमों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ।










