PM MODI: 7 नवंबर को ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर वर्षभर की स्मारक गतिविधियों का करेंगे उद्घाटन

भारत के राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक, राष्ट्रीय गीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 नवंबर, 2025 को इस ऐतिहासिक स्मारक वर्ष का उद्घाटन करेंगे। यह अवसर न केवल हमारे देश की स्वतंत्रता संग्राम की यादों को ताजा करता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करता है।

“वन्दे मातरम्” की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा की गई थी और यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रेरक स्त्रोत बन गया। इसे राष्ट्रगीत के रूप में अपनाने के बाद यह गीत हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति की भावना को जगाता रहा है। 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने इस वर्ष को विशेष स्मारक वर्ष के रूप में घोषित किया है, जिसे पूरे वर्ष विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लेंगे और उद्घाटन के दौरान राष्ट्रीय गीत के महत्व, इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डालेंगे। इस वर्षभर की स्मारक गतिविधियों में देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सांस्कृतिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और आम जनता को “वन्दे मातरम्” के महत्व को समझने और इसे जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी राष्ट्रीय गीत की लोकप्रियता और संदेश को फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। यह वर्ष भारत की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और राष्ट्रीय भावना को प्रोत्साहित करने का एक सुनहरा अवसर है।

सरकार की योजना के अनुसार इस स्मारक वर्ष में देशभर के ऐतिहासिक स्थलों पर प्रदर्शनी, संगीत समारोह, कवि सम्मेलन और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से “वन्दे मातरम्” के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के उद्घाटन समारोह के साथ ही पूरे देश में यह वर्ष नए उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ शुरू होगा। यह अवसर भारतीय जनमानस को यह याद दिलाता है कि स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई और उसके प्रतीक, जैसे “वन्दे मातरम्”, हमेशा हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा रहेंगे।

इस ऐतिहासिक स्मारक वर्ष का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि यह युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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