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Pathankot हादसा अनियंत्रित हरियाणा रोडवेज बस दुकानों में घुसी कई घायल और भारी नुकसान

पठानकोट में जम्मू–अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब हरियाणा रोडवेज की एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी दुकानों में जा घुसी। यह हादसा माधोपुर इलाके के पास हुआ, जहां अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज गति से चल रही थी और अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ, जिसके चलते बस सीधे सड़क किनारे स्थित दुकानों की ओर मुड़ गई और जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दुकानों के शटर बुरी तरह मुड़ गए और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। दुकानों के अंदर रखा सामान भी बिखर गया और कई कीमती वस्तुएं पूरी तरह से नष्ट हो गईं। हादसे के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही सुजानपुर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया और ट्रैफिक को सुचारु रूप से बहाल करने के प्रयास शुरू किए। इस दौरान सड़क पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। स्थानीय लोगों और माधोपुर ब्लॉक समिति सदस्य हरीश कुमार के अनुसार, बस सुबह-सुबह जम्मू से पठानकोट की ओर जा रही थी। जैसे ही बस इलाके में पहुंची, चालक को नींद आ गई और वाहन बेकाबू हो गया। इसके बाद बस सीधे “पवन मोटर” नामक दुकान से टकरा गई। इसके बाद बस घूमते हुए पास की “बिट्टू इलेक्ट्रिशियन” की दुकान में जा घुसी, जिससे दोनों दुकानों को भारी नुकसान हुआ। दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे, शटर और दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है।

सीसीटीवी में नजर आया डरावना दृश्य

हादसे का पूरा भयावह मंजर पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे हरियाणा रोडवेज की बस तेज रफ्तार में नियंत्रण खोते हुए सड़क किनारे बनी दुकानों की ओर बढ़ती है और अचानक टकरा जाती है। सीसीटीवी वीडियो में बस के फिसलने और अनियंत्रित होकर दुकानों में घुसने का दृश्य बेहद डरावना है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही सेकंड में दुकानों के शटर टूटते और दीवारें गिरती नजर आती हैं। पूरा घटनाक्रम कुछ ही पलों में घटित हो जाता है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि हादसे से कुछ ही क्षण पहले एक कार उसी रास्ते से गुजर रही थी। कार और बस के बीच का यह अंतर बेहद कम था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अगर बस की रफ्तार थोड़ी और तेज होती, तो यह कार भी चपेट में आ सकती थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद करने लगे। दुकानों के मालिकों को भारी नुकसान हुआ है और उनका सामान पूरी तरह से बर्बाद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा ताकि राहत और बचाव कार्य किया जा सके। घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे हादसे की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ड्राइवर को नींद आने के कारण यह दुर्घटना हुई, लेकिन अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

कोई नुकसान नहीं, यात्रियों को हल्की चोटें आईं।

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, हादसे के समय बस में कुछ यात्री मौजूद थे। जैसे ही बस अनियंत्रित होकर दुकानों की ओर बढ़ी और टकराई, अंदर बैठे यात्रियों में अचानक अफरा-तफरी मच गई। लोग समझ ही नहीं पाए कि कुछ ही सेकंड में स्थिति इतनी गंभीर हो जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद बस के अंदर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग अचानक झटके से सीटों से गिर पड़े और कुछ को हल्की चोटें भी आईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने बस के यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद पास के अस्पताल भेजा गया, जबकि बाकी यात्रियों को सुरक्षित रूप से दूसरी बसों के जरिए उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या ड्राइवर की लापरवाही या नींद की वजह से यह घटना हुई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में यातायात सामान्य कर दिया गया है।

दुकानदारों को हुआ बड़ा नुकसान

हादसे के बाद पीड़ित व्यापारी सतपाल और राकेश कुमार ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि इस दुर्घटना ने उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना है कि उनकी दुकानों को गंभीर क्षति हुई है, जिससे उनका पूरा व्यापार प्रभावित हो गया है। दोनों व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि इस पूरे हादसे में उनकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अचानक हुई इस घटना ने उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा असर डाला है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों ने बताया कि दुकानों के शटर, दीवारें और अंदर रखा सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया कारोबार कुछ ही पलों में बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। लोग अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पीड़ित व्यापारियों ने प्रशासन और हरियाणा रोडवेज से उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को इस नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द करनी चाहिए, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें।उन्होंने यह भी अपील की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, जिससे निर्दोष लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।

हरियाणा रोडवेज को हानि की भरपाई करनी चाहिए।

पीड़ित व्यापारी राकेश ने हादसे के बाद अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे सुबह से लेकर शाम तक अपनी दुकान पर मेहनत करते हैं। इसी काम से वे अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और बच्चों की जरूरतें पूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि यह दुकान उनके लिए केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि जीवनयापन का मुख्य साधन है। रोज की कमाई से ही घर का खर्च चलता है, लेकिन इस हादसे ने उनकी पूरी आजीविका को संकट में डाल दिया है। राकेश के अनुसार, अचानक हुई इस दुर्घटना ने उनकी दुकान को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। शटर, दीवारें और अंदर रखा सामान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चिंता परिवार के भरण-पोषण की है। बिना किसी गलती के उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ गया है। व्यापारी ने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे फिर से अपना कारोबार शुरू कर सकें। उनका कहना है कि या तो उनकी दुकानों की मरम्मत करवाई जाए या फिर नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और संबंधित विभाग को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके और वे अपने जीवन को दोबारा सामान्य रूप से चला सकें।

ड्राइवर को थाने में बंद कर दिया गया।

दूसरे व्यापारी सतपाल ने बताया कि हादसा होने के तुरंत बाद उन्होंने 112 पर कॉल करके पुलिस से सहायता मांगी। उनका कहना है कि घटना इतनी अचानक हुई कि पहले कुछ समझ ही नहीं आया, लेकिन उन्होंने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। सतपाल के अनुसार, स्थानीय लोगों की मदद से ड्राइवर को मौके पर ही पकड़ लिया गया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज करवाई गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनका उद्देश्य केवल अपने नुकसान की भरपाई कराना था। उन्होंने ड्राइवर से कहा था कि यदि हुए नुकसान की भरपाई कर दी जाए, तो वे किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे। हालांकि, सतपाल का आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने न तो मुआवजे की बात मानी और न ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। इस रवैये से पीड़ित व्यापारियों में नाराजगी और निराशा बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस घटना में उनकी दुकानों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनका व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई वर्षों की मेहनत कुछ ही पलों में बर्बाद हो गई, जिससे वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। सतपाल ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए और पीड़ित व्यापारियों को न्याय मिले। साथ ही उन्होंने मांग की है कि या तो नुकसान की पूरी भरपाई की जाए या फिर जिम्मेदार पक्ष से मुआवजा दिलाया जाए, ताकि वे दोबारा अपने कारोबार को शुरू कर सकें।

सहयोग नहीं कर रहे बस ड्राइवर

स्थानीय प्रतिनिधि हरीश कुमार ने बताया कि हरियाणा रोडवेज बस के चालक के खिलाफ सुजानपुर थाने में औपचारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कर दी गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में काफी तनाव का माहौल बना हुआ है और मामले को लेकर जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में दुकानदारों ने चालक और कंडक्टर के साथ बातचीत कर मामले को आपसी समझौते से सुलझाने की कोशिश की थी। पीड़ित पक्ष का कहना था कि यदि नुकसान की भरपाई कर दी जाए तो वे कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। हालांकि, हरीश कुमार के अनुसार, जब दुकानदारों ने नुकसान की भरपाई की मांग रखी तो चालक और कंडक्टर ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई जाए। इस रवैये के बाद पीड़ित दुकानदारों में नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि वे केवल अपने नुकसान की भरपाई चाहते हैं, लेकिन सहयोग न मिलने के कारण उन्हें अब कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा है। दुकानदारों की मांग है कि हरियाणा रोडवेज प्रशासन इस घटना में हुई क्षति की पूरी भरपाई करे। उनका अनुमान है कि दोनों दुकानों को मिलाकर कम से कम डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जो उनके लिए काफी बड़ा आर्थिक झटका है। उधर, पुलिस प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो।

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