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Mohali में गैंगस्टर पिंकू गिरफ्तार, विदेशी पिस्टल बरामद

Mohali में गैंगस्टर पिंकू को पकड़ लिया गया, विदेशी पिस्टल जब्त: गोल्डी बराड़ के निर्देश पर करता था कार्य, पुलिस का कहना है- बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब एवं एसएएस नगर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में मोहाली के डेराबस्सी में हुई घटना का मुख्य आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू को पकड़ लिया है। आरोपी लम्बे समय से पुलिस की निगरानी में था और उसकी गिरफ्तारी से ट्राइसिटी में एक बड़ी आपराधिक योजना के विफल होने का दावा किया जा रहा है। पिंकू गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के हिसारे में घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध और गैंगस्टर संस्कृति को समाप्त करने के लिए हमारा अभियान जारी है। किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ा जाएगा और समाज की शांति को भंग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। मोहाली में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब और एसएएस नगर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी डेराबस्सी इलाके के पास की गई, जहां पुलिस ने पहले से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

आरोपी लंबे समय से निगरानी में था और उस पर आरोप है कि वह संगठित अपराध से जुड़े एक नेटवर्क का सक्रिय सदस्य है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक .32 बोर की विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं, जो गंभीर आपराधिक गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि अजय शर्मा उर्फ पिंकू कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर काम कर रहा था। इसके अलावा उसके संबंध मनदीप उर्फ मनदीप स्पेन से भी बताए जा रहे हैं, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका और मजबूत हुई है। पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि आरोपी को ट्राइसिटी क्षेत्र में कुछ टारगेट दिए गए थे, जिन पर वह आगे आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहा था। हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई के चलते एक बड़ी वारदात को टाल दिया गया, ऐसा पुलिस का दावा है। यह मामला 18 अप्रैल को डेराबस्सी में हुई एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच के दौरान पहले ही इसी गिरोह के चार अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अजय पिंकू उस घटना के बाद से फरार चल रहा था और उसकी तलाश लगातार जारी थी।

पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चैन और वित्तीय मदद देने वालों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो चुकी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस टीम ने सटीक जानकारी के आधार पर डेराबस्सी के निकट घेराबंदी कर अजय पिंकू को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक .32 बोर की विदेशी पिस्टल और पांच जीवित कारतूस बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी किसी अन्य गंभीर अपराध को अंजाम देने के लिए इधर-उधर घूम रहा था।

गोल्डी बराड़ और मनदीप के स्पेन से संबंधित संबंध

प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे मिले हैं। सामने आया है कि आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और मनदीप उर्फ मनदीप स्पेन के सीधे संपर्क में था। माना जा रहा है कि वह लगातार इन दोनों के निर्देशों पर काम कर रहा था और संगठित अपराध के नेटवर्क का हिस्सा बना हुआ था।जांच अधिकारियों के अनुसार, पिंकू को ट्राइसिटी क्षेत्र यानी चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला में कुछ खास “टारगेट” सौंपे गए थे। इन टारगेट्स को पूरा करने के लिए वह योजना बना रहा था और इलाके में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा था। पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी का काम केवल निर्देशों का पालन करना नहीं था, बल्कि वह मौके की तलाश में था ताकि किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जा सके। इसी वजह से वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ‘टारगेट्स’ के पीछे असल मकसद क्या था और इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ और भी अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

18 अप्रैल की घटना का प्रमुख आरोपी

यह पूरा मामला 18 अप्रैल को डेराबस्सी क्षेत्र में हुई एक घटना की विस्तृत जांच का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस इस केस को शुरू से ही गंभीरता से देख रही थी, क्योंकि शुरुआती सुरागों से यह संकेत मिल रहे थे कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है। थाना प्रभारी सुमित मोर के अनुसार, इस मामले में पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था। इन गिरफ्तारियों के बाद एक बड़े आपराधिक मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे सामने आने लगीं। इसी कड़ी में मुख्य आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी लगातार तलाश में थी और उस पर नजर बनाए हुए थी, क्योंकि जांच में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले की कड़ियां आपस में जुड़ती नजर आ रही हैं। पुलिस का मानना है कि पिंकू से पूछताछ के बाद इस मॉड्यूल के अन्य पहलुओं और इसमें शामिल बाकी लोगों के बारे में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस नेटवर्क की छानबीन में लगी हुई है

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी अजय शर्मा उर्फ पिंकू से गहन और विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उसे अवैध हथियारों की आपूर्ति कहां से और किस माध्यम से मिल रही थी। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि वह इन हथियारों को किस चैनल के जरिए हासिल करता था। अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच का अहम हिस्सा है कि इस पूरे गिरोह को वित्तीय सहायता कौन उपलब्ध करवा रहा था। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क को चलाने के लिए पैसों का स्रोत क्या था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के नेटवर्क से जुड़े कई अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है। पुलिस टीम इन सभी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उनके ठिकानों का पता लगाया जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह को पूरी तरह खत्म किया जा सके। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इस संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे सामने आएंगे, जिससे पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

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