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Mohali में ED Raid पर बड़ा खुलासा 9वीं मंजिल से कैश फेंकने की कोशिश 21 लाख बरामद 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी

Mohali के खरड़ इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने एक आईटी कारोबारी के फ्लैट पर बड़ी कार्रवाई की। वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में सुबह शुरू हुई इस रेड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। देखते ही देखते सोसाइटी के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस ने पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। जैसे ही ED की टीम फ्लैट की ओर बढ़ी, उसी दौरान नौवीं मंजिल से अचानक एक बैग नीचे फेंका गया। बताया जा रहा है कि बैग में भारी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। बैग जमीन पर गिरते ही फट गया और उसमें रखे 500-500 रुपये के नोट चारों तरफ बिखर गए। यह नजारा देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नीचे पहले से एक व्यक्ति कार के पास मौजूद था। जैसे ही बैग नीचे गिरा, उसने तेजी से उसे उठाया और वहां से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन मौके पर तैनात ED अधिकारियों की नजर उस पर पड़ गई। टीम ने तुरंत पीछा शुरू किया और कुछ ही देर में उसे पकड़ लिया। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने आरोपी के कब्जे से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले नोटों की गड्डियों को लाल रंग के बैग में रखा था और फिर उसे सफेद रंग के बड़े बैग में डालकर नीचे फेंका गया। बावजूद इसके, ऊंचाई से गिरने के कारण बैग फट गया और सारा कैश सड़क पर फैल गया। घटना के बाद पूरे टावर में अफरातफरी का माहौल बन गया। ED की टीम ने तुरंत बिल्डिंग की घेराबंदी कर दी और किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक लगा दी गई। सीढ़ियों से लेकर टॉप फ्लोर तक केंद्रीय एजेंसी के जवान तैनात कर दिए गए ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति वहां से बाहर न निकल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने इलाके की सुरक्षा संभालते हुए जांच एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस ने सोसाइटी के लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की जानकारी जुटाई जा सके। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस फ्लैट पर रेड की गई, वहां रहने वाला व्यक्ति आईटी सेक्टर से जुड़ा हुआ है। एजेंसियां अब उसके बैंक रिकॉर्ड, कारोबारी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह मामला केवल कैश बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, संबंधित फ्लैट में पिछले कुछ महीनों से लगातार लोगों का आना-जाना बना रहता था। कई बार बड़ी संख्या में कूरियर भी वहां पहुंचते देखे गए थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद कैश का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा रहा था। फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी है और अधिकारी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। हालांकि अभी तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस रेड ने मोहाली और आसपास के इलाकों में भारी चर्चा पैदा कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आगे कौन-कौन से बड़े खुलासे सामने आते हैं।

कार लेकर भागने की फिराक में था

मोहाली के खरड़ इलाके में हुई ED की कार्रवाई अब लगातार नए खुलासों की वजह से चर्चा में बनी हुई है। जांच एजेंसियों को शक है कि आईटी कारोबारी को रेड की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। यही कारण माना जा रहा है कि जैसे ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम सोसाइटी पहुंची, फ्लैट के अंदर अचानक हलचल शुरू हो गई। कारोबारी ने नौवीं मंजिल स्थित अपने फ्लैट से नकदी से भरा बैग नीचे फेंकने की योजना पहले से तैयार कर रखी थी। बताया जा रहा है कि नीचे उसका ड्राइवर पहले से कार के साथ मौजूद था और उसे बैग मिलते ही वहां से निकल जाना था। पूरी घटना बेहद तेजी से हुई, लेकिन ED अधिकारियों की सतर्कता के कारण योजना सफल नहीं हो सकी। जैसे ही बैग नीचे गिरा, वह जोरदार आवाज के साथ फट गया और उसमें रखे नोट सड़क पर फैल गए। आसपास मौजूद लोगों को पहले समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है, लेकिन कुछ ही सेकंड में नकदी देखकर वहां अफरातफरी मच गई। कई लोग इस घटना को देखकर अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने तुरंत बैग उठाया और सफेद रंग की कार में बैठकर वहां से भागने की कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद ED टीम की नजर उस पर पड़ चुकी थी। अधिकारियों ने बिना देर किए उसका पीछा शुरू कर दिया और कुछ दूरी पर जाकर उसे रोक लिया। इसके बाद टीम ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। जांच एजेंसी को बैग से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। बरामद रकम ज्यादातर 500-500 रुपये के नोटों में थी। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम किसी बड़े वित्तीय लेनदेन या संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल कैश के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर जांच जारी है। घटना के बाद वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने बिल्डिंग में लोगों की आवाजाही रोक दी। सीढ़ियों, लिफ्ट और टॉप फ्लोर तक सुरक्षा जवान तैनात कर दिए गए ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति वहां से बाहर न निकल सके। जिस फ्लैट पर रेड हुई वहां पिछले कुछ समय से गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। कई बार देर रात तक लोगों का आना-जाना देखा गया था। सोसाइटी के कुछ निवासियों ने दावा किया कि फ्लैट पर अक्सर बड़े पैकेट और कूरियर भी पहुंचते थे, जिन्हें ज्यादातर ड्राइवर ही रिसीव करता था। पंजाब पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ड्राइवर और कारोबारी दोनों के कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि कहीं यह मामला हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग या किसी बड़े आर्थिक घोटाले से जुड़ा तो नहीं है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और अधिकारियों ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है। लेकिन जिस तरह रेड से पहले कारोबारी को सूचना मिलने और कैश नीचे फेंकने की कहानी सामने आई है, उसने इस पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और संभावित बड़े खुलासों पर टिकी हुई है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

मोहाली के खरड़ इलाके में स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में हुई ED की कार्रवाई के दौरान अचानक हुए घटनाक्रम ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जैसे ही 9वीं मंजिल से कैश से भरा बैग नीचे गिरा, नीचे अफरातफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस अप्रत्याशित घटना को देखकर सोसाइटी के निवासी अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते परिसर में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और क्या पूरा मामला है। भीड़ बढ़ने के साथ ही मौके पर अव्यवस्था फैलने लगी और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। कुछ लोग घटना का वीडियो बनाने में जुट गए, जबकि कई लोग इस पूरे घटनाक्रम पर हैरानी जताते नजर आए। माहौल को नियंत्रित करना पुलिस के लिए तुरंत जरूरी हो गया। सूचना मिलते ही खरड़ के डीएसपी ईशांत सिंगला ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मौके पर रवाना होने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम तेजी से घटनास्थल पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया। कुछ ही देर में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में खरड़ सिटी थाने की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले सोसाइटी के प्रवेश द्वार को नियंत्रित किया और अनावश्यक भीड़ को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए इलाके को आंशिक रूप से सील कर दिया ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। साथ ही लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी गई ताकि कोई दुर्घटना न हो और जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी। अधिकारियों का मानना है कि इन फुटेज से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। इस बीच ED की टीम भी मौके पर मौजूद रही और बरामद कैश व संदिग्ध गतिविधियों की जांच जारी रखी गई। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पूरा मामला किस वित्तीय या आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में स्थिति बनी हुई है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और सोसाइटी के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मोहाली में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की टीम ने आईटी सेक्टर से जुड़े एक कारोबारी के फ्लैट पर बड़ी रेड की। खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके को चर्चा का केंद्र बना दिया। सुबह से ही केंद्रीय एजेंसी की टीम टावर के अंदर जांच में जुटी रही और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। ED की टीम जैसे ही फ्लैट नंबर 906 तक पहुंची, उसी दौरान नौवीं मंजिल से एक बैग नीचे फेंका गया। बताया जा रहा है कि बैग में भारी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। बैग नीचे गिरते ही फट गया और उसमें से 500-500 रुपये के नोट जमीन पर बिखर गए। यह नजारा देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। नीचे पहले से एक व्यक्ति कार के पास खड़ा था। जैसे ही बैग नीचे गिरा, उसने तुरंत नोटों से भरा बैग उठाया और कार में बैठकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन मौके पर मौजूद ED अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। जांच टीम ने उसके पास से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कैश को पहले लाल रंग के बैग में रखा था और फिर उसे सफेद रंग के बैग में पैक कर नीचे फेंका गया। बावजूद इसके, ऊंचाई से गिरने के कारण बैग फट गया और नोट सड़क पर फैल गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी आसपास के लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

ED अधिकारियों ने फिलहाल पूरे टावर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। बिल्डिंग के अंदर और बाहर केंद्रीय एजेंसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। सीढ़ियों से लेकर छत तक सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार न हो सके। वहीं स्थानीय लोगों की एंट्री भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। खरड़ सिटी थाना पुलिस ने DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। SHO अमरिंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस और ED दोनों मिलकर अब फ्लैट के अंदर मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। प्राथमिक जांच में फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह आईटी सेक्टर से जुड़ा हुआ है और करीब चार महीने पहले ही इस सोसाइटी में रहने आया था। उसके फ्लैट पर रोजाना कई कूरियर आते थे, जिन्हें अक्सर उसका ड्राइवर रिसीव करता था। इससे अब जांच एजेंसियों को वित्तीय लेनदेन पर शक गहरा गया है। सूत्रों का दावा है कि नितिन गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क भी हो सकते हैं, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ED अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नकदी का संबंध किसी बड़े वित्तीय घोटाले, हवाला नेटवर्क या रियल एस्टेट फ्रॉड से तो नहीं है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई केवल एक फ्लैट तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि सनटेक सिटी प्रोजेक्ट और कुछ बिल्डर कंपनियों पर जमीन और लाइसेंस से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है। फिलहाल पूरे मामले ने पंजाब और चंडीगढ़ के कारोबारी जगत में सनसनी फैला दी

रोजाना कूरियर आते थे

मोहाली के खरड़ इलाके में हुई जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई लगातार नए पहलुओं को उजागर कर रही है। जांच एजेंसियों की नजर अब फ्लैट में होने वाले लगातार कूरियर मूवमेंट और संदिग्ध लेनदेन पर टिक गई है। जिस फ्लैट पर छापेमारी हुई है, वह नितिन कुमार गोहिल से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि उनके आवास पर लगभग रोजाना कई कूरियर डिलीवरी होती थीं, जिनका पैटर्न सामान्य घरेलू डिलीवरी से अलग पाया गया है।  इन कूरियर पैकेट्स को अक्सर कारोबारी के ड्राइवर द्वारा रिसीव किया जाता था। आमतौर पर पार्सल लेने के बाद उन्हें सीधे फ्लैट के अंदर ले जाया जाता था और किसी बाहरी व्यक्ति को उनकी सामग्री के बारे में जानकारी नहीं होती थी। जांच एजेंसियों ने अब इन कूरियर की डिटेल्स जुटानी शुरू कर दी है। इसमें यह देखा जा रहा है कि ये पैकेट किन-किन जगहों से भेजे गए थे और इनमें किस तरह की सामग्री मौजूद थी। अधिकारियों को शक है कि इन कूरियर के जरिए वित्तीय लेनदेन या दस्तावेजों की अदला-बदली की जा रही थी। रेड के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने मौके से मिले कैश से भरे बैग को अपने कब्जे में ले लिया है। बरामद रकम की गिनती और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है, जिसमें करीब 21 लाख रुपये नकद मिलने की पुष्टि हुई है। फिलहाल फ्लैट के अंदर ED की जांच अभी भी जारी है। टीम ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा बलों को सीढ़ियों, गलियारों और फ्लैट के आसपास तैनात किया गया है। जांच अधिकारियों ने फ्लैट से कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है ताकि डिजिटल लेनदेन और बैंकिंग गतिविधियों का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस भी इस मामले में लगातार सहयोग कर रही है। पुलिस सोसाइटी के कर्मचारियों और निवासियों से पूछताछ कर रही है ताकि कूरियर नेटवर्क और संदिग्ध गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को किसी बड़े वित्तीय अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही हैं। रेड अभी भी जारी है और आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी अहम खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही

मोहाली और चंडीगढ़ में रियल एस्टेट और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एजेंसी ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के मामले में 12 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जांच के दायरे में कई नामी बिल्डर और प्रोजेक्ट शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने आम जनता को गुमराह कर निवेश कराया और तय नियमों का उल्लंघन किया। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने सरकारी अनुमति और लाइसेंस का गलत इस्तेमाल किया। खासकर GMADA से मिले CLU (Change of Land Use) लाइसेंस के दुरुपयोग की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इन अनुमतियों की वैधता और उपयोग की पूरी जांच कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जब्त किए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों से पूरे प्रोजेक्ट में हुए निवेश और पैसों के प्रवाह की कड़ियां जुड़ सकती हैं। इसी जांच के सिलसिले में नितिन कुमार गोहिल का नाम भी सामने आया है। उन पर कथित राजनीतिक संपर्कों और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर जांच चल रही है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उनका संबंध इस पूरे प्रोजेक्ट नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक रियल एस्टेट विवाद नहीं बल्कि एक बड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसमें निवेशकों के पैसे के गलत इस्तेमाल और फंड डायवर्जन की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई प्रोजेक्ट साइट्स और ऑफिसों को सील भी किया गया है। अधिकारियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही है। एजेंसियों को शक है कि इसमें कई स्तरों पर मनी लॉन्ड्रिंग और हेराफेरी की गई हो सकती है। पूरे मामले ने रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मचा दी है। निवेशक भी चिंतित हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े नामों और वित्तीय खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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