शिकायत में SI ने ये 2 बातें लिखवाईं…
लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के बाद एक गंभीर हिंसक घटना सामने आई है। थाना डिवीजन नंबर 5 के सब-इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम लाल के अनुसार, सोमवार को लगभग 20 से 25 लोग सीपी दफ्तर के बाहर धरना दे रहे थे, जो बाद में समाप्त कर दिया गया। धरना खत्म होने के बाद जब शिवसेना पंजाब के नेता राजीव टंडन अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर भारत नगर चौक की ओर जा रहे थे, तभी अचानक उन पर हमला किया गया। आरोप है कि मुख्य आरोपी तरनजोत ने तेजधार हथियार से उनकी गाड़ी पर वार किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के दौरान दूसरे आरोपी दानिश कपूर ने शोर मचाकर आसपास मौजूद अपने दो अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। कुछ ही पलों में स्थिति और बिगड़ गई और आरोपियों ने मिलकर हंगामा किया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से धमकियां देते हुए फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने राजीव टंडन की गाड़ी को घेर लिया और उसका शीशा भी तोड़ दिया, जिससे घटना और गंभीर हो गई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की है। पुरुषोत्तम लाल की शिकायत के आधार पर थाना डिवीजन नंबर 8 में केस दर्ज किया गया है। ADCP सर्बजीत सिंह चीमा ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान कर उनकी तलाश जारी है।



घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को ललकारा
शिवसेना पंजाब के प्रमुख राजीव टंडन की कार पर हुए हमले के बाद संगठन के नेताओं में गहरा आक्रोश देखने को मिला। घटना के तुरंत बाद शिवसेना नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। वीडियो में शिवसेना नेता भानू प्रताप ने कहा कि वे निर्धारित समय पर सीपी दफ्तर पहुंच रहे हैं और उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि यदि कोई सामने आना चाहता है तो वह भी वहां आ सकता है। इस दौरान कई अन्य नेताओं ने भी अपने बयान में नाराजगी जताई और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने लुधियाना में रोष मार्च निकाला और प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। संगठन ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इन्होंने पंजाब का माहौल बिगाड़ा
शिवसेना नेताओं द्वारा जारी किए गए वीडियो के बाद निहंग सिख समुदाय की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। निहंग कुलदीप सिंह खालसा ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि वह इस समय उत्तराखंड में हैं, लेकिन लुधियाना में हुई घटनाओं पर उनकी नजर बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा निहंग बाणे और धार्मिक प्रतीकों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। खालसा ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी की फौज के बाणे का अपमान करना गंभीर मामला है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कृत्यों से पंजाब का माहौल खराब हो रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित लोगों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और मामले में पारदर्शी जांच की जाए। इसके साथ ही कुलदीप सिंह खालसा ने स्पष्ट किया कि निहंग समुदाय कानून व्यवस्था का सम्मान करता है और किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो समुदाय अपने स्तर पर भी वापस लौटकर अपनी बात रखेगा, लेकिन हर हाल में कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जानी चाहिए।
सोमवार की घटी घटना को 3 पॉइंट्स में
लुधियाना में सीपी दफ्तर के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब कुछ सिख संगठन और निहंग समूह सोशल मीडिया पर सिख धर्म के महान व्यक्तित्वों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। शुरुआत में वे अपनी शिकायत लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय गए थे, लेकिन बाद में नाराजगी बढ़ने पर उन्होंने दफ्तर के बाहर फिरोजपुर रोड पर धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान वहां से शिवसेना पंजाब के नेता राजीव टंडन अपनी सरकारी गाड़ी में सुरक्षा के साथ गुजर रहे थे। आरोप है कि इसी समय एक युवक ने उन्हें रोककर सवाल-जवाब शुरू कर दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। स्थिति बिगड़ने पर कुछ निहंग भी मौके पर पहुंच गए और तनाव और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि इसी झड़प के दौरान एक युवक ने तेजधार हथियार से राजीव टंडन की गाड़ी पर हमला कर दिया और शीशा तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सुरक्षा के बीच शिवसेना नेताओं को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया। बाद में पुलिस कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिवसेना नेताओं ने मांग की कि सरेआम हथियार लेकर घूमने वालों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
राजीव टंडन शिवसेना पंजाब के प्रमुख हैं।
राजीव टंडन शिवसेना पंजाब के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और संगठन के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। वे लुधियाना सहित पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रहते हुए संगठनात्मक गतिविधियों का नेतृत्व करते हैं। लंबे समय से वे अपने राजनीतिक और सामाजिक बयानों के कारण लगातार चर्चा में बने रहते हैं। राजीव टंडन और उनका संगठन राज्य में हिंदू समुदाय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है। इसके अलावा, उनका समूह पंजाब में हिंदू मुख्यमंत्री की मांग को लेकर भी समय-समय पर आवाज उठाता रहा है। अपने बयानों और रुख के कारण वे अक्सर सार्वजनिक विमर्श में बने रहते हैं। इसके साथ ही, खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और विचारों के खिलाफ खुलकर बयान देने के कारण उन्हें पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए पंजाब पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की गई है। हालिया घटना के बाद एक बार फिर उनकी सुरक्षा और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।










