Ludhiana के गयासपुरा चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास दिनदहाड़े एक सनसनीखेज अपहरण की वारदात सामने आई है। कुछ बदमाशों ने एक युवक को जबरदस्ती कार में डालकर अगवा कर लिया और मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित युवक की पहचान परवेश गुप्ता (19) के रूप में हुई है। उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह अपहरण किसी अचानक हुई वारदात का नतीजा नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश का परिणाम है। परवेश पहले आरोपी करण कुमार यादव की फैक्ट्री में CNC मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। यह फैक्ट्री गली नंबर 19, करम इंडस्ट्री, सुआ रोड, गयासपुरा में स्थित है। करीब एक महीने पहले परवेश ने यह नौकरी छोड़ दी थी। उसका कहना है कि उसे समय पर पूरी सैलरी नहीं दी जाती थी, जिसके कारण उसने काम छोड़ने का फैसला किया। जब उसने अपना बकाया वेतन मांगा तो आरोपी ने उसके साथ पहले भी मारपीट की थी। इसी विवाद और पुरानी दुश्मनी को लेकर आरोपियों ने उसे निशाना बनाते हुए अपहरण की योजना बनाई। घटना उस समय हुई जब युवक गयासपुरा चौक के पास पेट्रोल पंप के नजदीक मौजूद था। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और अचानक उसे घेर लिया। इसके बाद उसे खींचकर कार के पास लाया गया और जबरन वाहन में बैठा दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी युवक को घसीटते हुए कार तक ले जाते हैं और फिर उसे जबरदस्ती अंदर बैठाकर फरार हो जाते हैं। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग कुछ देर तक स्थिति समझ नहीं पाए। वारदात के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और गाड़ी को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में वहां से निकल गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
अब 3 पॉइंट्स में जानिए क्या हुआ
लुधियाना के गयासपुरा क्षेत्र में एक फैक्ट्री कर्मचारी के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि उसे काले रंग की महिंद्रा गाड़ी में आए कुछ लोगों ने दिनदहाड़े अगवा कर लिया और जबरन एक फैक्ट्री में ले जाकर बंधक बना लिया। यह घटना 16 जून 2026 की है, जब युवक अपने काम पर जा रहा था। पीड़ित के मुताबिक, काले रंग की महिंद्रा गाड़ी (PB10HC-3669) में सवार कुछ लोग अचानक मौके पर पहुंचे और उसे घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे जबरदस्ती पकड़कर गाड़ी में डाल दिया। पीड़ित ने बताया कि इस पूरी वारदात में करण कुमार यादव, रॉनी वर्कर, अनिल, प्रमोद और राजीव समेत दो अज्ञात युवक शामिल थे। अपहरण के बाद आरोपियों ने युवक को गयासपुरा स्थित गली नंबर 19 में मौजूद करण इंडस्ट्री की फैक्ट्री में ले जाकर बंदी बना लिया। यह फैक्ट्री सुआ रोड इलाके में स्थित बताई जा रही है। फैक्ट्री के अंदर उसे बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे लगातार धमकाया और जान से मारने की चेतावनी भी दी। घटना के दौरान पीड़ित को काफी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उसने बताया कि आरोपी उस पर दबाव बना रहे थे और उसे डराया-धमकाया जा रहा था। इसी बीच, जब फैक्ट्री के बाहर और आसपास कुछ लोग आवाज सुनकर पहुंचे तो माहौल बदलने लगा। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और स्थिति को समझने का प्रयास किया। लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गए। इसके बाद पीड़ित किसी तरह वहां से सुरक्षित बाहर निकला और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला
लुधियाना के गयासपुरा क्षेत्र में हुए युवक अपहरण मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। साहनेवाल थाने के एसएचओ दलवीर सिंह ने पुष्टि की है कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित युवक ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पहले आरोपी करण कुमार यादव की फैक्ट्री में नौकरी करता था। उसने आरोप लगाया कि उसे समय पर वेतन नहीं दिया जाता था, जिसके चलते उसने नौकरी छोड़ दी थी। जब उसने अपनी बकाया सैलरी मांगी तो विवाद बढ़ गया और आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की थी। इसी पुरानी रंजिश को इस अपहरण की घटना की मुख्य वजह बताया जा रहा है। घटना 16 जून 2026 की बताई जा रही है, जब पीड़ित अपने काम पर जा रहा था। इसी दौरान काले रंग की एक महिंद्रा गाड़ी मौके पर पहुंची और उसमें सवार कुछ लोग अचानक उससे उलझ गए। आरोप है कि गाड़ी में मौजूद करण कुमार यादव, रॉनी वर्कर, अनिल, प्रमोद और राजीव समेत दो अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर युवक को जबरदस्ती पकड़ लिया और उसे वाहन में डालकर मौके से ले गए। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को गयासपुरा इलाके की एक फैक्ट्री में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। पीड़ित ने बताया कि उसे फैक्ट्री के अंदर लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान वह डर के माहौल में रहा और बार-बार मदद की गुहार लगाता रहा। इसी बीच आसपास मौजूद कुछ स्थानीय लोग और राहगीर शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। पूरी घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। एसएचओ दलवीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।