Chandigarh के बहुचर्चित कैशियर हत्याकांड में गुरुवार सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को चंडीगढ़ लाया जा रहा था, तभी रास्ते में उन्होंने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा काबू कर लिया गया, हालांकि इस दौरान वे घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सेक्टर-25 के जंगल क्षेत्र के पास हुई। पुलिस टीम दोनों आरोपियों को सुरक्षा के बीच लेकर आ रही थी। इसी दौरान अचानक हालात बिगड़ गए और आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोपियों ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फरार होने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि भागते समय उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिससे वे आगे नहीं भाग सके। घायल आरोपियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, घटना के दौरान पुलिस वाहन के चालक को भी चोटें आई हैं। पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोनों आरोपी सेक्टर-11 स्थित एक मेडिकल स्टोर के कैशियर की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
गिरफ्तारी से पहले गैंगस्टरों का ऑडियो वायरल
चंडीगढ़ कैशियर हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस ऑडियो के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ऑडियो में कुछ लोगों द्वारा गिरफ्तार आरोपियों को लेकर चेतावनी भरे बयान दिए जाने का दावा किया जा रहा है। वायरल ऑडियो में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए युवकों के साथ किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही यह भी दावा किया गया कि यदि आरोपियों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाया गया तो उसके परिणाम सामने आ सकते हैं। हालांकि ऑडियो में की गई बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल इस ऑडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ऑडियो वास्तव में किसने रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर किस माध्यम से प्रसारित किया गया। साइबर विशेषज्ञ भी इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी भ्रामक या भड़काऊ सामग्री को गंभीरता से लिया जाएगा और यदि जांच में कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने आते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरा मामला कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वायरल ऑडियो की सत्यता और उसके पीछे की मंशा को लेकर भी अलग से जांच की जा रही है।
