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INDIGO में अब तक का सबसे बड़ा संकट, एक दिन में 550 फ्लाइट्स हुई रद्द, यात्रियों को करना पड़ा मुश्किलों का सामना

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) पिछले तीन दिनों से अपने इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से गुजर रही है। बुधवार को एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) गिरकर केवल 19.7% रह गई, जबकि गुरुवार को इंडिगो ने एक दिन में रिकॉर्ड 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन के 20 साल के सफर में यह सबसे बड़ा फ्लाइट कैंसिलेशन है।इंडिगो रोज़ाना करीब 2300 उड़ानें संचालित करती है, और उसकी पहचान समय पर उड़ान भरने वाली एयरलाइन के रूप में होती रही है। लेकिन हाल के दिनों में आई भारी अव्यवस्था ने यात्रियों, नियामकों  सभी को चिंतित कर दिया है।

क्या है इंडिगो संकट की वजह?

एयरलाइन ने आधिकारिक तौर पर माना है कि दिक्कतें कई मोर्चों पर एक साथ पैदा हुई हैं।जैसे कि  नए FDTL नियमों का गलत आंकलन, पायलटों की रात की ड्यूटी पर सख्त पाबंदियाँ,साप्ताहिक आराम बढ़ाया गया और थकान प्रबंधन के नए मानक लागू करना।इंडिगो ने स्वीकार किया कि उसने इन नियमों के बाद स्टाफिंग जरूरतों का गलत अनुमान लगाया। वास्तविक जरूरत अनुमान से काफी ज्यादा निकली, खासकर रात की उड़ानों में, जहाँ स्लॉट और क्रू दोनों सीमित होते हैं।एयरलाइन पहले से ही चालक दल की कमी से जूझ रही थी। नए नियम लागू होने के बाद उपलब्ध पायलटों और केबिन क्रू की संख्या संचालन के मुकाबले बेहद कम पड़ गई।दिसंबर के पहले सप्ताह से ट्रैवल सीज़न शुरू हो जाता है।एयरपोर्ट्स पर भीड़,टर्नअराउंड टाइम बढ़ना,ग्राउंड स्टाफ पर दबाव इन सबने संकट को और बढ़ा दिया।कई एयरपोर्ट्स पर तकनीकी दिक्कतों ने क्रू रोस्टरिंग और शेड्यूलिंग को प्रभावित किया, जिससे कैंसिलेशन बढ़े।गुरुवार को भारत के प्रमुख हवाईअड्डों पर भारी पैमाने पर उड़ानें रद्द की गईं।दिल्ली के एयरपोर्ट् पर 172 व मुंबई के एयरपोर्ट पर 118, बेंगलुरू के एयरपोर्ट पर 100 उड़ाने रद्द हुई। इसके अलावा कई अन्य शहरों में भी लगातार कैंसिलेशन देखने को मिले।

यात्रियों की मुश्किलें

देशभर के एयरपोर्ट्स पर घंटे-घंटे लंबी कतारें देखने को मिली।लगातार फ्लाइट लेट होना और अंतिम समय में कैंसिलेशन व रिकबुकिंग की परेशानी यात्रियों को देखने को मिली।हजारों यात्री एयरपोर्ट से ही सोशल मीडिया पर वीडियो और शिकायतें पोस्ट करते दिखे।

सरकार और DGCA की बड़ी कार्रवाई

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागर विमानन मंत्रालय और DGCA ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया और निर्देश दिए।सरकार ने तुरंत सख्त आदेश दिए कि तुरंत नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।हर 15 दिन में सरकार को प्रगति रिपोर्ट दी जाए।क्रू ट्रेनिंग और रोस्टरिंग का विस्तृत प्लान पेश किया जाएDGCA ने मांगा पूरा ब्लूप्रिंट मांगा है।क्रू भर्ती का भविष्य अनुमान,रोस्टर पुनर्गठन,सुरक्षा आंकलन की जाए। DGCA ने यह भी कहा कि यदि जरूरी हो तो FDTL नियमों में अस्थायी छूट की समीक्षा की जाएगी।

कब सुधरेंगे हालात

इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि 8 दिसंबर से उड़ानों का संचालन कम किया जाएगा।अगले कुछ दिनों में और कैंसिलेशन संभव हो सकता है।10 फरवरी 2026 तक ही पूरी तरह से नॉर्मल ऑपरेशन बहाल हो पाएगा।इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में यात्रियों को अभी और भी असुविधा झेलनी पड़ सकती है।इंडिगो की मार्केट शेयर 60% से अधिक है, इसलिए इसका प्रभाव पूरे देश के एयरलाइन नेटवर्क पर पड़ रहा है।दिसंबर में ट्रैवल सीज़न होने के चलते यह समस्या और गंभीर महसूस हो रही है।

यात्रियों के लिए क्या सलाह?

यदि आप इंडिगो से यात्रा करने वाले हैं, तो यात्रा से 2–3 घंटे पहले स्टेटस चेक करें।रीयल-टाइम अपडेट के लिए ऐप नोटिफिकेशन ON रखें।कनेक्टिंग फ्लाइट के बीच अधिक समय रखें।टिकट कैंसिल होने पर DGCA के अनुसार पूरा रिफंड मिलता है तो इसे क्लेम करें।

इंडिगो का यह ऑपरेशनल संकट भारत के एविएशन इतिहास के सबसे बड़े व्यवधानों में से एक माना जा रहा है।जहाँ एक तरफ एयरलाइन इसे “शेड्यूल ऑप्टिमाइज़ेशन” और “क्रू मैनेजमेंट” की गलती बता रही है, वहीं नियामक इस स्थिति को गंभीर लापरवाही मानकर कड़े कदम उठा रहे हैं।आने वाले दिनों में उड़ानों की संख्या कम होने से यात्रियों को और भी सतर्क रहने की जरूरत होगी।

 

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