‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं…’, दिल्ली के iit Student से pm मोदी ने ऐसा क्यों कहा शनिवार को pm मोदी iit दिल्ली दीक्षांत समारोह में गए थे। उन्होंने छात्रों को नई शुरुआत की शुभकामनाएं दी उनके अच्छे future की कामना की pm मोदी शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए. मोदी ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, “आज सभी छात्र दीक्षांत समारोह में हैं, लेकिन किसी न किसी तरह उनके दिमाग में भविष्य को लेकर कुछ तो चल ही रहा होगा।” उन्होंने मुस्कुराकर कहा, “मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूँ, लेकिन कहीं न कहीं कोई जादू-मंत्र ज़रूर है।” हर छात्र ने अपने/अपनी कल की तस्वीर दिमाग में अलग-अलग तरह से बनाई है. PM मोदी ने छात्रों के भविष्य के सपनों की बात की है कोई भी छात्र को अपनी पहली नौकरी और सैलरी का इंतजार होगा, तो कुछ बच्चे नई startup करने का सपना देख रहे है। कुछ छात्र आगे की परीक्षाओं की तैयारी का लक्ष्य बना रहे होंगे. उन्होंने कहा की हर छात्र का लक्ष्य अलग है, आज के छात्र में अलग ही उत्साह है। उन्होने iit दिल्ली में अपने पुरने दिनों को याद करने को कहा. PM मोदी ने कहा कि ऐसा लगता होगा जैसे कल ही ओरिएंटेशन हुआ था और आज वो दिन आ गया. उन्होंने कहा की आज से छात्रों के जीवन में एक नई शुरुआत हो रही है |

‘दुनिया तेजी से बदल रही है’
PM मोदी ने कहा कि आज वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। और इसके साथ technology एक बड़ी वजह है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आने वाले 20 से 30 वर्षों में दुनिया किस रूप में बदलेगी, इसका अभी सटीक अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तकनीक तेजी से बदलेगी और उसके साथ दुनिया में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसे दौर में वही लोग आगे बढ़ पाएंगे, जो नई चीजें सीखने और खुद को समय के साथ ढालने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। PM मोदी ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए कहा कि कई विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और सफलता के लिए मेडल मिले हैं। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अगर इन उपलब्धियों में छात्राओं की संख्या और अधिक होती तो उन्हें और खुशी होती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़नी चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान देश के स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर की पीढ़ी के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी की अपनी एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी होती है। आजादी से पहले देशवासियों के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य भारत को गुलामी से मुक्त कराना था। उस समय की पीढ़ी ने लंबे संघर्ष के साथ त्याग और बलिदान दिया, जिसकी वजह से आज हम एक स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भारत के सामने चुनौतियां अलग हैं और इसलिए हमारी जिम्मेदारियां भी बदल गई हैं। अब देश को आगे बढ़ाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी के कंधों पर है। युवाओं को अपनी शिक्षा, करियर और जीवन से जुड़े फैसले लेते समय देश के हित को भी ध्यान में रखना चाहिए। PM मोदी ने छात्रों से कहा कि आने वाले 30 से 35 वर्षों में वे जिस भी क्षेत्र में काम करेंगे, उसका सीधा असर भारत की विकास यात्रा पर पड़ेगा। इसलिए उन्हें अपने हर फैसले के बारे में यह जरूर सोचना चाहिए कि उससे देश को क्या लाभ होगा और समाज की कौन-सी जरूरत पूरी हो सकती है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से लगातार सीखते रहने, नई तकनीक को समझने और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं का होगा, जो बदलाव से घबराने के बजाय उसे समझेंगे, उससे सीखेंगे और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाते रहेंगे।










