Gurugram एनकाउंटर 4 शूटर ढेर रंगदारी गैंग का पर्दाफाश

Gurugram में देर रात पुलिस और हथियारबंद बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चार बदमाश मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान बहादुरी से कार्रवाई कर रहे तीन पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर डॉक्टरों की लगातार नजर बनी हुई है।  घटना सुशांत लोक क्षेत्र की है, जहां बदमाश एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पहुंचे और उसे बंधक बनाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि पीड़ित एक निजी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे हैं। जब रंगदारी की मांग पूरी नहीं हुई तो बदमाशों ने घर के अंदर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें पांच बदमाश घायल हुए। अस्पताल ले जाने पर चार को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक का इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर कथित तौर पर विदेश में सक्रिय दीपक नांदल गैंग से जुड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि गैंग पिछले कुछ समय से कारोबारी से फिरौती की मांग कर रहा था। घटना में इस्तेमाल की गई ब्लैक स्कॉर्पियो, हथियार और अन्य सबूत पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। फॉरेंसिक टीम भी मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। मारे गए और घायल बदमाशों की आपराधिक पृष्ठभूमि, उनके नेटवर्क और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही पीड़ित और उसके परिचितों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि रंगदारी की धमकियां कब से मिल रही थीं और इस साजिश में किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और रंगदारी मांगने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।

गुरुग्राम के सुशांत लोक फेस-2 इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ की शुरुआत एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन की सूचना से हुई। पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी मिली थी कि इलाके में हथियारों से लैस कुछ अपराधी घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की कई टीमें और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाश शुरू की गई। पुलिस जब सुशांत लोक स्थित प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी के घर पहुंची तो वहां पहले से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। आरोप है कि बदमाश घर के बाहर और अंदर से लगातार आधुनिक हथियारों से फायरिंग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने पहले उन्हें आत्मसमर्पण करने का मौका दिया और चेतावनी भी दी, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर ही गोलियां चला दीं। बदमाशों की ओर से हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई, जिसके दौरान पांच बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार आरोपियों को मृत घोषित कर दिया। एक घायल बदमाश का इलाज जारी है और उससे पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों में एएसआई सुनील, सिपाही मंजीत और सिपाही शमशेर शामिल हैं। तीनों को तत्काल मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी घायल जवानों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच तेज कर दी है। मौके से बरामद हथियारों, कारतूस, संदिग्ध वाहन और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही मारे गए बदमाशों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और उनके गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

ब्लैक स्कॉर्पियो में आए थे बदमाश

गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में हुई सनसनीखेज वारदात में सामने आया है कि सभी आरोपी एक ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो में सवार होकर प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी के घर पहुंचे थे। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद वाहन को अपने कब्जे में ले लिया और उसकी गहन जांच शुरू कर दी है। मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में स्कॉर्पियो के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। फॉरेंसिक टीम वाहन से मिले साक्ष्यों को जुटाकर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक घटना के समय विशाल बेरी अपने घर में अकेले मौजूद थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनकी बहन की शादी हो चुकी है और वह अलग रहती हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर बदमाश कथित तौर पर घर पहुंचे और रंगदारी की रकम वसूलने का प्रयास किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले से घर और पीड़ित की गतिविधियों की रेकी की थी या नहीं। जांच में यह भी सामने आया है कि विशाल बेरी के पिता का कभी एक निजी विश्वविद्यालय से संबंध रहा था, हालांकि बाद में वे उससे अलग हो चुके थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या बदमाशों ने पुराने कारोबारी संबंधों या आर्थिक स्थिति को देखते हुए विशाल को निशाना बनाया। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की आर्थिक और आपराधिक पृष्ठभूमि को खंगाल रही हैं। मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृत बदमाशों में एक आरोपी हरियाणा के फतेहाबाद जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। वहीं घायल आरोपी की पहचान गुरुग्राम के कोटा बिसर निवासी शिवम के रूप में हुई है। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस उसके स्वस्थ होने के बाद पूछताछ करेगी, ताकि पूरे गिरोह और उसके नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सके। पुलिस ने मामले की जांच कई टीमों को सौंप दी है। बरामद वाहन, हथियार, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रंगदारी मांगने वाले गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात की योजना किसने बनाई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।

दीपक नांगल गैंग से मिली रही थी धमकी

गुरुग्राम में प्रॉपर्टी डीलर पर हुए हमले की जांच में पुलिस को संगठित अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी को पहले विदेश में बैठे एक गैंगस्टर की ओर से कथित रूप से फिरौती की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसके गिरोह से जुड़े हथियारबंद बदमाशों ने घर पर हमला कर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पहले आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद हालात को देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ की स्थिति बन गई। घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पुलिस ने आसपास की सभी सड़कों पर नाकाबंदी कर दी और आने-जाने वाले वाहनों की जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि हमले से जुड़े हर पहलू की पुष्टि की जा सके और किसी संभावित सहयोगी की पहचान हो सके। जांच एजेंसियां अब हमले के पीछे की पूरी साजिश को उजागर करने में जुटी हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों ने कारोबारी की गतिविधियों की जानकारी कैसे जुटाई, वारदात की योजना कब बनाई गई और इसमें स्थानीय स्तर पर किसने उनकी मदद की। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की भी विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चार बदमाशों की मौके पर मौत

गुरुग्राम में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद अब जांच का फोकस घायल आरोपी और उसके आपराधिक नेटवर्क पर है। मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश का अस्पताल में उपचार जारी है। सुरक्षा कारणों से अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि इलाज के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके। वहीं मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की नियमित मेडिकल जांच की जा रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस विभाग भी अपने जवानों के उपचार और सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर नजर बनाए हुए है। जांच एजेंसियों ने अब पूरे गैंग के नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस मारे गए और घायल आरोपियों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और इस वारदात की योजना किस स्तर पर बनाई गई थी। मामले में संगठित अपराध से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न राज्यों की एजेंसियों और संबंधित इकाइयों से भी जानकारी साझा कर रही है, ताकि गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके। जांच के दौरान बरामद हथियारों और अन्य सबूतों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी तरह निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। घायल आरोपी से चिकित्सकीय अनुमति मिलने के बाद पूछताछ की जाएगी, जिससे वारदात की साजिश, गिरोह के संचालन और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रॉपर्टी डीलर से पूछताछ जारी

ACP धर्मवीर सिंह ने बताया कि अपराधियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उनके आपराधिक रिकॉर्ड, बरामद हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के संबंध में जानकारियाँ इकट्ठा की जा रही हैं। प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी और उनके परिवार से पूछताछ की जा रही है कि उनसे कब-कब और कितनी रंगदारी मांगी गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों से कई राउंड गोलियाँ चलीं। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में पांच बदमाश घायल हुए। इनमें से चार को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक का इलाज चल रहा है। घायल पुलिसकर्मियों में एक एएसआई और दो सिपाही शामिल हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हमलावर विदेश में सक्रिय एक कुख्यात गैंग से जुड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि गैंग के सरगना के निर्देश पर बदमाश रंगदारी वसूलने के लिए गुरुग्राम आए थे। मामले की जांच कई दृष्टिकोण से की जा रही है और गैंग के नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी गई है। बदमाश एक काले रंग की एसयूवी में प्रॉपर्टी डीलर के घर पहुँचे थे। घटना के बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मौके से हथियार, कारतूस और अन्य सबूत भी एकत्र किए गए हैं, जिनकी जांच हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित कारोबारी को पहले कई बार धमकी भरे कॉल आए थे। आरोप है कि फोन पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और रकम न देने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी दी गई थ। इसी सिलसिले में बदमाश सीधे उसके घर पहुँचकर घटना को अंजाम देने की कोशिश की। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेरे में लेकर तलाशी शुरू कर दी।
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