दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर बना हुआ है। बीते कई दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के आसपास बना हुआ है। 13 दिसंबर से GRAP-4 लागू होने के बावजूद प्रदूषण से कोई ठोस राहत नहीं मिल पाई है। हवाओं की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे सुबह के समय प्रदूषण कुछ कम हुआ, लेकिन दोपहर होते-होते एक बार फिर AQI में तेजी से इजाफा दर्ज किया गया।

22 से 24 दिसंबर तक हालात और बिगड़ने की आशंका
मौसम विभाग और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, 22 से 24 दिसंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर और खराब हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण निचले स्तर पर बादल छाए हुए हैं, जिससे धूप नहीं निकल पा रही है। सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जबकि दोपहर में हल्की धूप निकलने की संभावना जताई गई है।
राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, रात 11 बजे तक दिल्ली का औसत AQI बढ़कर 410 दर्ज किया गया, जो सीधे तौर पर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
इन इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 440 से 455 के बीच दर्ज किया गया, जो बेहद चिंताजनक है।चांदनी चौक में AQI 455,वज़ीरपुर में AQI 449 व आनंद विहार में AQI 438 और मुंडका में AQI 436 दर्ज किया गया।
लगातार सातवें दिन हवा ‘बेहद खराब’
दिल्ली में लगातार सातवें दिन भी हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। रविवार सुबह राजधानी का औसत AQI 366 दर्ज किया गया। कई इलाकों में घना स्मॉग और कोहरे की मोटी परत देखी गई, जिससे दृश्यता काफी कम रही। इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास भी धुंध की चादर नजर आई, जहां AQI 363 दर्ज किया गया।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
CPCB का अनुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब बनी रह सकती है। ऐसे में अस्थमा और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।वायु प्रदूषण के खिलाफ अभियान के तहत MCD ने दिसंबर महीने में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है।