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Chandigarh में गैंगस्टर एनकाउंटर, पुलिस ने बड़ी साजिश नाकाम की

चंडीगढ़ के शांत माहौल के बीच आज सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शहर की ऑपरेशन सेल और हरियाणा के एक कुख्यात गैंगस्टर मुकेश गोलू के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गोहाना निवासी इस बदमाश को घेर लिया, जो चंडीगढ़ में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी साहसिक कदम उठाते हुए मोर्चा संभाला और दोनों ओर से लगभग 5 राउंड गोलियां चलीं। इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान मुकेश गोलू के पैर में गोली लगी, जिसके बाद ऑपरेशन सेल की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। घायल अवस्था में उसे तुरंत सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से गोलियों के पांच खाली खोल बरामद किए हैं और अब इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि वह चंडीगढ़ में किस विशिष्ट व्यक्ति या ठिकाने को निशाना बनाने आया था। इस एनकाउंटर ने एक बार फिर चंडीगढ़ पुलिस की सतर्कता को साबित किया है, जिससे शहर में होने वाली एक संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया।

सेक्टर-25 ग्राउंड के पास घेरा

चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल द्वारा की गई यह कार्रवाई किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी, जहाँ खुफिया इनपुट के आधार पर सेक्टर-25 के इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि हरियाणा का कुख्यात बदमाश मुकेश गोलू अपनी बहन के घर जाने के बहाने शहर में दाखिल हुआ है, लेकिन उसका असली मकसद यहाँ किसी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देना था। जैसे ही पुलिस की पैनी नजरों ने उसे चिन्हित कर रुकने का ललकारा, आरोपी ने समर्पण करने के बजाय भागने का रास्ता चुना। वह पैदल ही सड़क पार कर सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड की ओर तेजी से दौड़ने लगा, जहाँ उसने पुलिस की बार-बार दी गई चेतावनियों को पूरी तरह अनसुना कर दिया। इस भागदौड़ के दौरान जब पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया, तो खुद को फंसता देख उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षार्थ गोलियां चलानी पड़ीं। मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया यह बदमाश अब पुलिस की गिरफ्त में है, और इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कितनी पैनी नजर रखे हुए हैं। अब पुलिस इस एंगल से भी तफ्तीश कर रही है कि क्या उसके इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर भी कोई अन्य अपराधी शामिल था।

आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की

चंडीगढ़ के सेक्टर-25 में सुबह-सुबह हुई यह मुठभेड़ किसी दहला देने वाले मंजर से कम नहीं थी, जिसने शांत शहर को गोलियों की गूंज से भर दिया। सुबह 6 बजे से शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब ढाई घंटे तक चला, जब पुलिस को देखते ही हरियाणा के इस वांटेड गैंगस्टर ने दुस्साहस दिखाते हुए सीधे टीम पर तीन राउंड फायरिंग झोंक दी। खुद को बचाने और अपराधी को काबू करने के लिए ऑपरेशन सेल ने भी जवाबी मोर्चा संभाला और दो राउंड फायर किए, जिसमें से एक सटीक गोली बदमाश के पैर में जा लगी और वह भागने की कोशिश करते हुए वहीं ढेर होकर गिर पड़ा। जैसे-जैसे सुबह के साढ़े आठ बजे और शहर की रफ्तार बढ़ी, मौके पर तमाशबीनों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे मुख्य सड़क पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई और जाम की स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी से हथियार बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए यह अभी भी रहस्य बना हुआ है कि सेक्टर-25 में रहने वाली उसकी वह कौन सी रिश्तेदार है जिसके पास वह पनाह लेने आया था। चंडीगढ़ पुलिस के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि यह बदमाश लंबे समय से उनकी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल था और उसकी गिरफ्तारी से शहर में संभावित एक बड़े गैंगवार या वारदात का खतरा टल गया है।

अवैध हथियारों की सप्लाई करता था आरोपी

मुख्यालय से वांछित चल रहे मुकेश गोलू की गिरफ्तारी चंडीगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है, क्योंकि वह अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी सिंडिकेट का एक मुख्य मोहरा था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अवैध ठिकानों से आधुनिक हथियार लाकर पंजाब और हरियाणा के अपराधियों को सप्लाई करता था, जिससे वह क्षेत्र में सक्रिय गैंगस्टरों के लिए हथियारों का सबसे बड़ा स्रोत बन गया था। उसके खिलाफ साल 2021 में चंडीगढ़ के मलोया थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे के बाद से ही पुलिस उसकी परछाई का पीछा कर रही थी, लेकिन वह लगातार चकमा दे रहा था, जिसके चलते अदालत ने उसे भगोड़ा (पीओ) घोषित कर दिया था। आज की मुठभेड़ के बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी दलबीर सिंह और ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस का मानना है कि मुकेश की गिरफ्तारी से अब उन स्थानीय कड़ियों का भी पर्दाफाश होगा जो चंडीगढ़ और पंजाब के इलाकों में इस अवैध नेटवर्क को फलने-फूलने में मदद कर रही थीं। यह एनकाउंटर न केवल एक अपराधी का अंत है, बल्कि हथियारों की उस सप्लाई लाइन पर भी एक बड़ा प्रहार है जो सीमाओं के पार आतंक और अपराध का जाल बुन रही थी |

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