Batala फायरिंग 2 मौत जांच जारी

पंजाब के बटाला में देर रात एक दर्दनाक वारदात सामने आई, जहां बाइक पर आए अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान कश्मीर सिंह (31) और जुगराज सिंह (18) के रूप में हुई है, जो गुरदासपुर जिले के श्री हरगोबिंदपुर उपमंडल के भोमा गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि दोनों के सिर में गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घायल व्यक्ति की पहचान भी जुगराज सिंह (30) के रूप में हुई है, जो उसी गांव का निवासी है। उसके सीने में गोली लगी है और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार मृतकों में से एक युवक कबड्डी खिलाड़ी था, जबकि दूसरा पूर्व सरपंच का बेटा था और खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

दो बाइकों में सवार 6 व्यक्तियों ने फायरिंग की।

सीमावर्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, कश्मीर सिंह और जुगराज सिंह अपने एक अन्य साथी जुगराज सिंह के साथ शाम के समय टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सरेआम गोलियों की बौछार कर दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने करीब दो दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग की आवाज सुनी, जिससे पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावर वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार होने में कामयाब रहे।

बटाला पहुंचे एसएसपी मौके पर

शहर में हुई अंधाधुंध फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेहताब सिंह स्वयं भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वारदात वाली जगह का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद साक्ष्यों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने मौके पर तैनात अधिकारियों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली ताकि हमलावरों के रूट और उनके इरादों का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान एसएसपी मेहताब सिंह ने स्थानीय निवासियों और चश्मदीदों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके पास हमले से जुड़ा कोई भी सुराग या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी है, तो वे निडर होकर पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस प्रमुख ने आश्वासन दिया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस ने क्षेत्र को बंद किया, सीसीटीवी की जांच की जा रही है।

ताबड़तोड़ फायरिंग की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। गोलियों की गूंज ने स्थानीय निवासियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, जिसके चलते लोग अब शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा और हर तरफ पुलिस की मौजूदगी इस बात का गवाह है कि स्थिति कितनी गंभीर बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। गांव को जोड़ने वाले सभी मुख्य मार्गों और संवेदनशील चौराहों पर पुलिस के सशस्त्र जवानों को तैनात किया गया है। आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है ताकि हमलावरों को जिले से बाहर भागने से रोका जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

टीमें निरंतर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।

फायरिंग की इस गंभीर घटना को लेकर बटाला पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीमों का गठन किया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। इन टीमों में अनुभवी अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो अलग-अलग बिंदुओं पर तेजी से काम कर रहे हैं। एसएसपी मेहताब सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि हमारी टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया तंत्र का भी सहारा ले रही है। “यह एक बेहद गंभीर अपराध है, जिसने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है, और हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे,” एसएसपी ने कड़े लहजे में कहा। पुलिस की कई टुकड़ियां संदिग्ध इलाकों में दबिश दे रही हैं ताकि हमलावरों को छिपने का मौका न मिले।

मां ने कहा- घूमने के लिये घर से निकला जुगराज।

18 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी जुगराज सिंह की हत्या ने न केवल एक उभरते सितारे को छीन लिया है, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला गम दे दिया है। सोमवार की रात हुई इस वारदात ने जुगराज के घर की दहलीज पर मातम फैला दिया है। मृतक की मां कवलजीत कौर और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि यह हमला उनके घर से कुछ ही दूरी पर हुआ, लेकिन नियति ने उन्हें अपने बेटे को बचाने का एक भी मौका नहीं दिया। जुगराज की मां कवलजीत कौर ने नम आंखों से उस आखिरी मुलाकात को याद करते हुए बताया कि सोमवार रात करीब 8 बजे जुगराज हमेशा की तरह तैयार होकर कमरे से बाहर आया था। उसने बड़े प्यार से कहा, “मम्मी, मैं बस थोड़ी देर के लिए सैर करने जा रहा हूं।” मां ने बताया कि वह अपनी फिटनेस को लेकर बहुत सजग था और रोज सैर पर जाता था, इसलिए उन्होंने उसे सहजता से जाने दिया। कवलजीत कौर ने बिलखते हुए कहा कि अगर उन्हें जरा सा भी अंदेशा होता कि बाहर मौत उसका इंतजार कर रही है, तो वह उसे कभी घर से बाहर कदम नहीं रखने देतीं।

10 मिनट में घटना को अंजाम देकर हमलावर भाग गए।

जुगराज सिंह हत्याकांड में परिजनों के बयानों ने वारदात की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है। जुगराज के चाचा अंग्रेज सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि सोमवार की रात उनके लिए किसी काल की तरह आई। रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच, जब जुगराज अपने दोस्तों के साथ गांव की सड़क पर रोज की तरह सैर कर रहा था, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। परिवार के अनुसार, सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। परिजनों ने बताया कि चश्मदीदों और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से उन्हें जानकारी मिली है कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। उनकी संख्या करीब छह बताई जा रही है, जो पूरी तैयारी के साथ आए थे। जैसे ही उन्होंने तीनों दोस्तों को सड़क पर अकेला पाया, उन्होंने अपनी मोटरसाइकिलें रोकीं और अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। हमले की अचानक हुई इस बौछार ने तीनों को लहूलुहान कर दिया और वे सड़क पर ही गिर पड़े।

जुगराज का किसी से कोई बैर नहीं था।

जुगराज सिंह की निर्मम हत्या के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे और असमंजस में है। परिवार के सदस्यों का बार-बार यही कहना है कि उनकी आज तक किसी के साथ कोई रंजिश या पुरानी दुश्मनी नहीं रही है। जुगराज एक सीधा-साधा युवक था, जो केवल अपने खेल और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करता था। परिवार के मुताबिक, वे एक शांतिप्रिय जीवन जी रहे थे और उन्हें सपने में भी अंदाजा नहीं था कि बिना किसी कारण के उनके बेटे को निशाना बनाया जा सकता है। परिजनों ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखते हुए केवल एक ही मांग दोहराई है—हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी। रोते-बिलखते माता-पिता ने पुलिस अधिकारियों से विनती की है कि इस मामले की तह तक जाकर उन चेहरों को बेनकाब किया जाए जिन्होंने एक हंसते-खेलते घर को बर्बाद कर दिया। उनका कहना है कि जब तक हमलावर खुले घूम रहे हैं, तब तक गांव का कोई भी परिवार खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएगा।

घायल एक किला भाग खड़ा हुआ, फोन करके सूचना दी।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का सबसे खौफनाक पहलू मृतक कश्मीर सिंह और घायल जुगराज सिंह के रिश्तेदार अमनदीप सिंह लकी ने उजागर किया है। अमनदीप के अनुसार, यह पूरी घटना महज दो से तीन मिनट के भीतर घटित हुई। रात करीब 8:55 बजे अचानक गोलियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी और मात्र दो मिनट बाद, यानी 8:57 बजे, घायल जुगराज सिंह का फोन आया। जुगराज ने मौत के साये से भागते हुए चीख-चीख कर फोन पर बताया कि उन पर जानलेवा हमला हुआ है। वह घायल अवस्था में अपनी जान बचाने के लिए करीब एक एकड़ (एक किला) खेत की ओर भागा और वहां जाकर गिर गया, जहाँ बाद में परिजनों ने उसे तड़पते हुए पाया। अमनदीप सिंह ने बताया कि घायल जुगराज ने अस्पताल ले जाते समय जो आपबीती सुनाई, वह किसी डरावनी फिल्म जैसी थी। हमलावरों की संख्या 4 से 6 थी, जो दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने बिना किसी चेतावनी के तीनों दोस्तों के सामने अपनी बाइक अड़ा दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि हमलावरों ने न तो कोई बहस की, न ही कोई पुरानी रंजिश का जिक्र किया और न ही कोई लूटपाट की कोशिश की। उन्होंने बाइक रोकते ही सीधे सीने और सिर जैसे शरीर के घातक हिस्सों को निशाना बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे स्पष्ट होता है कि वे केवल और केवल जान लेने के इरादे से आए थे।

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