देशभक्ति और राष्ट्रगान के लिए किसी पर बंदूक तानने की ज़रूरत नहीं है।

महबूबा मुफ़्ती का बयान: “राष्ट्रगान दिल से हो, बंदूक की नोक पर नहीं”

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने आज एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रगान किसी पर थोपा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि “आज बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा करते हैं, जबकि सच्ची देशभक्ति तो दिल से खुद-ब-खुद आती है।”

महबूबा का यह बयान उन हालात पर सवाल उठाता है जहाँ लोगों को मजबूरी में राष्ट्रगान या देशभक्ति प्रदर्शित करने के लिए बाध्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि देशप्रेम एक भावना है, जिसे डर और दबाव से नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और सम्मान के माहौल में ही बढ़ावा दिया जा सकता है।

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