जम्मू-कश्मीर में Srinagar-Baramulla National Highway पर आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुरक्षाबलों की नियमित गश्त के दौरान सड़क किनारे एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हो सकती है, जिसे किसी बड़ी साजिश के तहत यहां रखा गया हो।
संदिग्ध वस्तु दिखाई देते ही जवानों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए पूरे इलाके को घेर लिया और एहतियात के तौर पर नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके चलते कुछ ही देर में सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, बम निरोधक दस्ता मौके पर
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाबलों ने तुरंत बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया, ताकि संदिग्ध वस्तु की जांच कर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और सेना अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।इसके साथ ही आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके। सुरक्षाबलों ने साफ कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

यात्रियों में दहशत, लंबा जाम
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह का समय होने के कारण राजमार्ग पर यातायात सामान्य से अधिक था। बड़ी संख्या में लोग अपने काम, दफ्तर और अन्य जरूरी कार्यों के लिए श्रीनगर और बारामूला की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक सुरक्षाबलों की हलचल तेज हो गई और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
कुछ ही देर में पुलिस और सेना के कई वाहन मौके पर पहुंच गए। यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया और किसी को भी संदिग्ध वस्तु के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई। इससे कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
कैसे पहुंची संदिग्ध वस्तु? जांच तेज
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी गहन जांच कर रही हैं कि संदिग्ध वस्तु वहां तक कैसे पहुंची। क्या इसे रात के अंधेरे में सड़क किनारे रखा गया या फिर किसी वाहन के जरिए लाया गया?
इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी साजिश को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले 5 फरवरी को राजौरी जिले के खाबलान इलाके में भी एक संदिग्ध वस्तु मिली थी, जिसकी बाद में पहचान आईईडी के रूप में की गई थी। उस दौरान भी बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रणनीतिक रूप से अहम है यह मार्ग
श्रीनगर-बारामूला नेशनल हाईवे रणनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यह न केवल आम लोगों की आवाजाही के लिए जरूरी है, बल्कि सुरक्षा बलों की आवाजाही और लॉजिस्टिक सप्लाई के लिए भी अहम है। यही कारण है कि इस मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जाती है
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल सुरक्षाबलों ने बताया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बम निरोधक दस्ता संदिग्ध वस्तु की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यातायात बहाल करने का फैसला लिया जाएगा।
आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें।इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा के मोर्चे पर जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। लेकिन सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल लिया गया।आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक चौकसी बरतेंगी, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी साजिश को सफल न होने दिया जाए।