तपा मंडी में तेज गर्मी के बीच मजदूरों को पीने के ठंडे पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। अनाज मंडी में लगा वाटर कूलर काफी समय से खराब है, जिसके कारण मजदूरों और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर मंडी के श्रमिकों ने एकजुट होकर मार्केट कमेटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मंडी मजदूर यूनियन के नेता मंगत राय समेत कई श्रमिकों ने कहा कि भयंकर गर्मी में वे पूरे दिन मेहनत करते हैं, लेकिन ठंडे पानी की अनुपलब्धता से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह समस्या केवल मजदूरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मंडी में आने वाले किसानों को भी इसका सामना करना पड़ रहा है। श्रमिकों ने बताया कि खराब वाटर कूलर के चलते उन्हें अपने खर्च पर पानी के कैंपर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि गर्मियों में शुद्ध और ठंडे पानी की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी किसानों और आढ़तियों से विभिन्न फसलों पर भारी मार्केट फीस और अन्य शुल्क वसूलती है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति गंभीरता नहीं दिखाती। उन्होंने कहा कि सुविधाओं की कमी के चलते मजदूरों और किसानों को दैनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मजदूरों ने मांग की कि खराब वाटर कूलर को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि मंडी में काम कर रहे लोगों को राहत मिले। वहीं, मार्केट कमेटी के एक कर्मचारी ने कहा कि मंडी में आई समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा और वाटर कूलर की स्थिति भी ठीक की जाएगी।

तपा मंडी में तीव्र गर्मी के बीच श्रमिकों और किसानों को पीने के पानी की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अनाज मंडी में लगा वाटर कूलर लंबे समय से खराब है, जिससे वहां काम करने वालों को ठंडे पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में पानी जैसी आवश्यक सुविधा की कमी ने श्रमिकों की कठिनाइयों को बढ़ा दिया है। मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में श्रमिक और किसान अपने कार्य के लिए आते हैं। सुबह से लेकर शाम तक कड़ी धूप और गर्मी में काम कर रहे श्रमिकों को पर्याप्त ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। इस समस्या के कारण उन्हें अपने साथ पानी लाना पड़ता है या फिर बाहर से मंगवाना पड़ता है। श्रमिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने और सेहत को ठीक रखने के लिए स्वच्छ और ठंडे पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन वाटर कूलर के खराब होने के कारण इसे सही नहीं करवाया गया, जिससे मंडी में काम करने वालों में असंतोष बढ़ रहा है। मंडी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष मंगत राय सहित अन्य श्रमिकों ने इस समस्या को लेकर मार्केट कमेटी के खिलाफ प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने कहा कि वे रोजाना मेहनत कर मंडी के कार्यों को सुचारू बनाए रखते हैं, लेकिन उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने कहा कि वाटर कूलर के खराब होने के बाद उन्हें मजबूरी में अपने खर्च पर पानी के कैम्पर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे उनकी जेब पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। श्रमिकों का कहना है कि सीमित आय के बावजूद उन्हें पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं पर भी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।