दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और मीडिया से बात करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
“मैं भ्रष्ट नहीं हूं, सत्य की जीत हुई” – केजरीवाल
कोर्ट के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा,
“मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने साफ कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। पिछले कुछ सालों से हमारे खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन आज सच सामने आ गया है। यह पूरा केस फर्जी था।”उन्होंने आगे कहा कि उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी कमाई सिर्फ ईमानदारी है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है।
“AAP को खत्म करने की साजिश थी” – केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए उसके बड़े नेताओं को जेल में डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे केस बनाकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन आज कोर्ट ने सभी आरोप खारिज कर दिए।
मनीष सिसोदिया बोले – संविधान पर गर्व है
इस फैसले पर मनीष सिसोदिया ने कहा,
“आज एक बार फिर देश के संविधान और न्यायपालिका पर गर्व हो रहा है। यह सत्य की जीत है।”
सुनीता केजरीवाल ने जताई खुशी
अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
“इस दुनिया में कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो जाए, सच और ईश्वर से बड़ा कोई नहीं। सच की हमेशा जीत होती है।”
क्या है शराब नीति मामला?
कोरोना काल के दौरान दिल्ली सरकार ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 लागू की थी। बाद में इस नीति को लेकर अनियमितताओं और घोटाले के आरोप लगे। इसके बाद उपराज्यपाल की सिफारिश पर सीबीआई जांच शुरू हुई।
सीबीआई ने अगस्त 2022 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। बाद में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच शुरू की। हालांकि, अब कोर्ट ने सबूतों के अभाव में केजरीवाल और सिसोदिया को पूरी तरह बरी कर दिया है।
बड़ी राहत
कोर्ट के इस फैसले को AAP के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। पार्टी नेताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है।