नई दिल्ली: अमेरिकी टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत ने फिलहाल ‘रुको और इंतजार करो’ की नीति अपनाई है। केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रही है और बदलती स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है, ताकि देश के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके।
अमेरिका से लगातार बातचीत में भारत
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिकी प्रशासन के साथ नियमित संवाद में है और सभी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती।

मंत्री ने कहा,
“यह एक बदलती हुई स्थिति है। हम हर पहलू पर नजर रख रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत के सर्वोत्तम हित सुरक्षित रहें।”
बेहतर व्यापार समझौते पर फोकस
गोयल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य अमेरिका के साथ एक बेहतर और संतुलित व्यापार समझौता करना है, जिससे भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके और निर्यात के नए अवसर खुलें।
उन्होंने कहा कि बातचीत का मकसद ऐसा समझौता करना है, जिससे भारत को अन्य विकासशील देशों की तुलना में फायदा मिले।
टैरिफ ही सब कुछ नहीं
टैरिफ दरों पर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते का मूल्यांकन सिर्फ शुल्क दरों के आधार पर नहीं किया जाता।हालांकि उन्होंने माना कि अगर टैरिफ 18% से घटकर 15% हो जाता है, तो इससे भारतीय निर्यात को बड़ा फायदा मिलेगा।
कम टैरिफ से भारत को होगा लाभ
पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार तुलनात्मक लाभ पर आधारित होता है। अगर भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों से कम टैरिफ दर मिलती है, तो यह निर्यात के लिए बड़ी सफलता होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले 50% तक के टैरिफ के कारण भारत को काफी नुकसान उठाना पड़ा था, इसलिए इसे कम करना भारत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।
अंतिम फैसला आने में लगेगा समय
मंत्री ने कहा कि अभी अंतिम समझौते का पूरा विवरण साझा नहीं किया जा सकता, क्योंकि बातचीत जारी है। उन्होंने हितधारकों से धैर्य रखने और स्थिति साफ होने का इंतजार करने की अपील की।