पंजाब- AAP के मंत्री का ED मामला, 2 अधिकारी दिल्ली में हाजिर होंगे: IAS गर्ग, लेडी डायरेक्टर और 2 व्यवसायी भी आमंत्रित; गमाडा प्रमुख जालंधर में पेश होंगे। पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद अब ED की जांच अधिकारियों तक पहुंच गई है। ED ने 3 अधिकारियों समेत कुल 5 लोगों को तलब किया है। इनमें से एक अधिकारी की पेशी जालंधर ईडी कार्यालय में होगी, जबकि अन्य सभी का दिल्ली ईडी कार्यालय में पेश होना है। सभी को आवश्यक रिकॉर्ड के साथ summon किया गया है। इसी बीच, आज संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, जहां ईडी अपना जवाब प्रस्तुत करेगी। दूसरी ओर, दो दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद ईडी आज संजीव अरोड़ा को गुरुग्राम कोर्ट में पेश करेगी।
मंत्री के साथ ये अधिकारी फंसे
ED जालंधर के क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक को बुलाया है। समन जालंधर कार्यालय के सहायक निदेशक अक्षय कुमार द्वारा भेजा गया है। ED ने न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है। इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े कई प्रमुख बिल्डरों के स्थलों पर 8 और 9 मई को छापे मारे गए थे। इसके अतिरिक्त, ED ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग को भी उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पावरकॉम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन और व्यवसायी साझेदार हेमंत सूद एवं चंद्रशेखर को भी बुलाया गया है।
जिन्हें ED ने बुलाया, उनके खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं।
बसंत गर्ग और हरशरण कौर: पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग (IAS) और पावरकॉम की डायरेक्टर (कॉमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन का नाम उस विवाद में आया है, जो पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से संबंधित कंपनी रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को कथित रूप से मिले फायदों से जुड़ा है। कंपनी ने अपनी बिजली सप्लाई का वोल्टेज बदलने का अनुरोध किया था। इसके बाद कंपनी ने 2 फरवरी को लगभग 1.97 करोड़ रुपए की पुरानी बैंक गारंटी वापस करने के लिए पत्र लिखा। आरोप है कि पावरकॉम ने बिना नई संशोधित बैंक गारंटी जमा किए ही अगले दिन, यानी 3 फरवरी को पुरानी गारंटी जारी कर दी। ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूर्व बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के दबाव या सहयोग के कारण पावरकॉम के कॉमर्शियल विभाग ने नियमों की अनदेखी कर कंपनी को आर्थिक लाभ दिया। कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल: लुधियाना के निवेशक हेमंत सूद, जिन्हें फाइंडोक फिनवेस्ट का प्रमुख कहा जाता है, और जालंधर के कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल को भी ईडी ने समन भेजा है। दोनों को अरोड़ा के निकट सहयोगी और कारोबारी साथी माना जाता है। संजीव अरोड़ा पर करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति और गुरुग्राम में भूमि खरीदने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी को शक है कि ये दोनों व्यापारी कथित अवैध वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों के माध्यम से फंड प्रवाह और संदिग्ध निवेशों के प्रबंधन में शामिल हो सकते हैं। गमाडा के सीए संदीप सिंह को भी बुलाया गया: ईडी ने गमाडा के सीए संदीप सिंह को भी बुलाया है। हालांकि, उनके खिलाफ फिलहाल किसी प्रत्यक्ष आरोप की जानकारी नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, गमाडा में सीएलयू (भूमि उपयोग में बदलाव) से संबंधित फाइलों की मंजूरी के रिकॉर्ड को लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी।

संजीव अरोड़ा केस में अब तक क्या हुआ