रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि नागरिक प्रशासन और सैन्य तंत्र जब एक साथ तालमेल के साथ काम करते हैं, तो किसी भी चुनौती का समाधान बेहद प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने इसे नागरिक–सैन्य सहयोग का सबसे बेहतरीन मॉडल बताया।राजनाथ सिंह उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में आयोजित 100वें सामान्य आधारभूत पाठ्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
‘युवा लोकसेवक सैनिकों की तरह हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें’
रक्षा मंत्री ने नए लोकसेवकों को संदेश देते हुए कहा कि वे देश हित को सर्वोपरि रखते हुए हर कठिन परिस्थिति में सैनिकों की तरह तत्पर रहें।उन्होंने कहा कि लोकसेवकों का दायित्व केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि देश के विकास की गति को तेज करना भी है।
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर संतुलित कार्रवाई
राजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान
भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को संतुलित, नियंत्रित और जिम्मेदार तरीके से निशाना बनाया, ताकि तनाव बढ़े नहीं।उन्होंने कहा कि सेना ने बेहद संयम के साथ कार्रवाई की, लेकिन पाकिस्तान के व्यवहार ने सीमा पर स्थितियों को सामान्य नहीं होने दिया।
प्रशासन की भूमिका की सराहना
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरानदेशभर में मॉक ड्रिल करवाई गईं महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर साझा की गईं प्रशासनिक तंत्र ने जनता में भरोसा बढ़ाने में अहम योगदान दिया यह नागरिक–सैन्य समन्वय का एक आदर्श उदाहरण बना।
‘2047 तक विकसित भारत बनाने में लोकसेवकों की अहम भूमिका’
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार–अधिकतम शासन’ और ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ के मंत्र पर चलते हुए भारत 2014 की तुलना में कहीं आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने बताया कि:
2014 में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मान रही हैं कि 2–3 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है
‘ईमानदारी लोकसेवा की पहचान होनी चाहिए’
रक्षा मंत्री ने कहा कि लोकसेवक जनता के सेवक हैं, शासक नहीं।इसलिए उनके कार्य और व्यवहार में ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता स्पष्ट दिखनी चाहिए।
‘तकनीक से शासन में पारदर्शिता और पहुंच बढ़ेगी’
राजनाथ सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे रोजमर्रा के कामकाज में तकनीक का अधिकाधिक उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से—
जनता तक पहुंच आसान होगी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा शासन में पारदर्शिता आएगी
लोकसेवा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
उन्होंने UPSC में महिलाओं के बेहतरीन प्रदर्शन का भी जिक्र किया।
इस साल—एक महिला टॉपर रहीटॉप-5 में तीन महिलाएं शामिल रहीं
राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई कि 2047 तक कई महिलाएं कैबिनेट सचिव के पद पर भी पहुंचेंगी और देश के विकास में अभूतपूर्व योगदान देंगी।










