भीषण गर्मी से दिल्ली में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर, 8439 मेगावाट तक पहुंची डिमांड

देश की राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और पिछले कई दिनों से खपत आठ हजार मेगावाट के आसपास बनी हुई है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहा तो मई महीने में ही बिजली मांग का पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है।
दिल्ली में सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 8439 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस साल मई महीने की अब तक की सबसे ज्यादा मांग मानी जा रही है। इससे पहले राजधानी में सर्वाधिक बिजली मांग का रिकॉर्ड 19 जून 2024 को दर्ज हुआ था, जब खपत 8656 मेगावाट तक पहुंच गई थी। मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक इस बार सुबह के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। यही वजह है कि सुबह के समय बिजली की मांग में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पहले जहां सुबह के समय बिजली की मांग करीब 4500 मेगावाट रहती थी, वहीं पिछले दो दिनों में यह आंकड़ा पांच हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच गया है।
सोमवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट पर न्यूनतम मांग 5343 मेगावाट दर्ज की गई थी। वहीं मंगलवार सुबह 7 बजकर 38 मिनट पर बिजली की मांग 5285 मेगावाट रही। हालांकि इसमें हल्की कमी दर्ज की गई, लेकिन यह सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा मानी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सुबह से ही तेज गर्मी पड़ने के कारण लोग एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। घरों के अलावा दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी बिजली खपत तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर दोपहर और देर रात के समय बिजली की मांग सबसे अधिक रिकॉर्ड की जा रही है।
दिल्ली में इस समय गर्मी अपने चरम पर है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों तक राजधानी को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने 28 मई तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है।
मंगलवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है।
बढ़ती बिजली मांग के बीच बिजली कंपनियों ने दावा किया है कि फिलहाल राजधानी में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। कंपनियों का कहना है कि अधिक मांग के बावजूद अतिरिक्त व्यवस्था की गई है ताकि उपभोक्ताओं को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े। विभिन्न पावर ग्रिड और बिजली उत्पादन इकाइयों के साथ समन्वय बनाकर सप्लाई बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान में और वृद्धि होती है तो बिजली व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। खासकर शाम और रात के समय जब अधिकतर घरों में एयर कंडीशनर और अन्य कूलिंग उपकरण एक साथ चलते हैं, तब बिजली खपत तेजी से बढ़ जाती है।
दिल्ली के कई इलाकों में लोग दिन और रात दोनों समय गर्मी से परेशान हैं। रात के समय भी तापमान कम नहीं हो रहा, जिसके कारण लोग लगातार एयर कंडीशनर और कूलर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बिजली की खपत में और तेजी आई है।
दूसरी तरफ राजधानी की वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। दिल्ली की हवा फिलहाल ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की जा रही है। गर्म हवाओं और धूल के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब स्तर पर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और प्रदूषण का संयुक्त असर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की संभावना बेहद कम है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो सकती है। इसलिए भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही अक्षय ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड तकनीकों पर भी तेजी से काम करने की आवश्यकता बताई जा रही है।
फिलहाल दिल्ली के लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती भीषण गर्मी से बचाव और लगातार बढ़ते तापमान के बीच सामान्य जीवन को बनाए रखना है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।










