
नई दिल्ली, 7 फरवरी: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया है। 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की निर्माणाधीन साइट पर खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिरने से हो गई। इस मामले में दर्ज FIR ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं—घटनास्थल पर कोई वॉर्निंग साइन, बैरिकेड, रिफ्लेक्टर, लाइटिंग या सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। पुलिस ने इस सिलसिले में साइट के सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दिल्ली सरकार ने लापरवाही के शक में संबंधित सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
हादसा कैसे हुआ
यह घटना 5 फरवरी की देर रात की है। कमल ध्यानी मोटरसाइकिल से गुजर रहे थे, तभी वे सड़क के बीचों-बीच खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए। 6 फरवरी सुबह 8 बजे एक महिला ने PCR कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि एक बाइक सवार गड्ढे में गिरा पड़ा है और उसे तत्काल मदद की जरूरत है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि लगभग 20 फीट लंबा, 13 फीट चौड़ा और 14 फीट गहरा गड्ढा बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ा गया था। फायर ब्रिगेड की मदद से युवक को बाहर निकाला गया और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
FIR में क्या-क्या खुलासे
जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। FIR में स्पष्ट कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड और उसके ठेकेदार को यह अच्छी तरह पता था कि सार्वजनिक सड़क पर बिना सुरक्षा उपायों के गड्ढा खुला छोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। फिर भी न तो चेतावनी संकेत लगाए गए, न बैरिकेडिंग की गई, न रोशनी की व्यवस्था की गई और न ही कोई गार्ड तैनात किया गया।
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, कमल ध्यानी को सुबह करीब 8 बजे जोगिंदर सिंह मार्ग के पास बेहोश हालत में पाया गया। अस्पताल में उन्हें MLR नंबर 18001552602102/26 के तहत मृत घोषित किया गया। उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, विशेषकर पेट के ऊपरी हिस्से में खरोंच दर्ज की गई।
सब-कॉन्ट्रैक्टर को पहले ही मिल गई थी सूचना
जांच में यह भी सामने आया कि साइट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक जूनियर स्टाफ को बताया था कि कोई व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है। इसके बाद रात 12:22 बजे जूनियर स्टाफ ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फोन कर मौके पर आने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार, प्रजापति साइट पर पहुंचा भी, उसने गड्ढे के अंदर मोटरसाइकिल देखी, लेकिन उसने न तो अंदर झांककर देखा और न ही किसी तरह की राहत या बचाव कार्रवाई की।
सरकार की कार्रवाई
दिल्ली के शहरी विकास और गृह मंत्री आशीष सूद ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि “हमारा दुख उस युवक को वापस नहीं ला सकता, लेकिन जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने DJB के तीन इंजीनियरों को पहले ही सस्पेंड कर दिया है और अन्य संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के सभी चल रहे निर्माण स्थलों का तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कहीं और ऐसी लापरवाही न हो। दिल्ली पुलिस, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, DJB और PWD के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण भी किया है।
परिवार का आरोप और मुआवजे की तैयारी
मृतक के परिवार ने DJB पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले में गड़बड़ी की आशंका भी जताई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की तैयारी की जा रही है।
बड़ा सवाल
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही का मामला बन गया है। सवाल उठ रहा है कि राजधानी में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब तक होती रहेगी और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। सब-कॉन्ट्रैक्टर की गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कार्रवाई DJB अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय करने पर केंद्रित है।