उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

उन्नाव रेप केस में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सेंगर को फिलहाल राहत नहीं मिलेगी। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया गया है कि तीन महीने के भीतर उसकी अपील पर फैसला किया जाए। सेंगर की तरफ से दलील दी गई थी कि वह 10 साल की सजा में से 9 साल 7 महीने से ज्यादा की सजा काट चुका है, इसलिए उसे जमानत दी जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि सेंगर का आपराधिक इतिहास गंभीर है और पीड़िता की ओर से सजा बढ़ाने की अपील भी लंबित है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सजा का निलंबन अदालत के विवेक पर निर्भर करता है और इस मामले में राहत का कोई आधार नहीं बनता। वीओ (अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है

 

उन्नाव रेप केस देश के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। यह मामला साल 2017 में सामने आया, जब उन्नाव की एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया।

पीड़िता और उसके परिवार को लगातार धमकियां दी गईं। अप्रैल 2018 में पीड़िता के पिता को पुलिस हिरासत में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

इसके बाद जुलाई 2019 में पीड़िता की कार को ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें उसकी दो मौसियां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीड़िता गंभीर रूप से घायल हुई। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केस को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर किया और सीबीआई जांच के आदेश दिए।

साल 2019 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप केस में उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, पीड़िता के पिता की मौत के मामले में सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पीड़िता और उसके परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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