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गगनयान से 5जी तक मेलबर्न में पीएम मोदी का विजन

ऑस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, तकनीकी प्रगति और दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान सभागार में कई बार तालियां गूंजीं। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उस भूमि के पारंपरिक मालिकों का सम्मान व्यक्त किया, जहां कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की विविध संस्कृति और भारतीय समुदाय का योगदान दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय की मेहनत, उपलब्धियों और सांस्कृतिक जुड़ाव की सराहना करते हुए कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए गगनयान मिशन, 5जी नेटवर्क, डिजिटल इंडिया, नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में देश की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से भविष्य की तकनीकों को अपनाते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। साथ ही उन्होंने कृषि और विकास से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र करते हुए “ग्रो मोर, अचीव मोर” जैसे विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका इस साझेदारी को और मजबूत बनाने में अहम है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय देश की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं के सच्चे प्रतिनिधि हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और दोनों देश विकास, नवाचार तथा वैश्विक सहयोग के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे।

PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए अपने भाषण की शुरुआत वहां की पारंपरिक भूमि के मूल निवासियों के प्रति सम्मान व्यक्त करके की। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, उसके पारंपरिक संरक्षकों का वह हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और उनके पूर्वजों, वर्तमान समुदाय तथा बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक नमन करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और इतिहास का सम्मान करना दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाता है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि सभागार पूरी तरह भरा हुआ है और यह माहौल किसी बड़े आयोजन से कम नहीं है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह कार्यक्रम किसी “हाउसफुल शो” और “ब्लॉकबस्टर” जैसा प्रतीत हो रहा है। उनके इस हल्के-फुल्के अंदाज पर उपस्थित भारतीय समुदाय ने जोरदार तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने सिडनी की पिछली यात्राओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले दो अवसरों पर सिडनी में भारतीय समुदाय से मिलने का मौका मिला था, लेकिन वह लंबे समय से मेलबर्न के लोगों से मिलने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने विशेष रूप से मेलबर्न आकर यहां के लोगों के साथ समय बिताने और उनसे सीधे संवाद करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मेलबर्न की पहचान और वहां की जीवनशैली का भी जिक्र किया। उन्होंने स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हुए फ्लैट व्हाइट कॉफी का उल्लेख किया और कहा कि वह मेलबर्न के लोगों के साथ इस अनुभव को साझा करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि शहर की ऊर्जा, विविधता और भारतीय समुदाय का अपनापन इस यात्रा को यादगार बना देता है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय समुदाय आने वाले समय में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दोस्ती, सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानसे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी प्रतीक है। उन्होंने भारतीय समुदाय की उपस्थिति और उत्साह की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों की मित्रता का महत्वपूर्ण आधार बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री पहले सिडनी में भी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और अब मेलबर्न में भी उनकी मौजूदगी दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने अहमदाबाद और मेलबर्न के प्रसिद्ध क्रिकेट स्टेडियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल भी भारत और ऑस्ट्रेलिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। अपने पुराने ऑस्ट्रेलिया दौरे को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में उनका दौरा ऐतिहासिक था, क्योंकि उससे पहले करीब 28 वर्षों तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया नहीं गया था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोनों देशों के बीच संपर्क का अंतराल अब इतना लंबा नहीं रहेगा और पिछले वर्षों में लगातार हुए उच्चस्तरीय दौरे इस विश्वास को साबित करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में उनका यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ती साझेदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि व्यापार, शिक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और निवेश जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच संबंध अब पहले से अधिक व्यापक और मजबूत हो चुके हैं। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को इस मजबूत साझेदारी का सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कृति के माध्यम से भारत की सकारात्मक पहचान बना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय समुदाय आने वाले समय में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर की बहुसांस्कृतिक पहचान और वहां बसे भारतीयों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेलबर्न ऐसा शहर माना जाता है जहां एक ही दिन में मौसम कई बार बदलता हुआ दिखाई देता है, लेकिन भारतीय समुदाय ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से इस शहर को और अधिक रंगीन तथा जीवंत बना दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेलबर्न और उसके आसपास ऐसे कई इलाके और बाजार हैं, जहां भारतीय संस्कृति की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। इन स्थानों पर भारतीय भोजन, पारंपरिक वस्तुएं, त्योहारों की रौनक और सांस्कृतिक गतिविधियां लोगों को भारत की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कई लोग इन क्षेत्रों को “लिटिल इंडिया” या “मिनी इंडिया” जैसे नामों से पहचानते हैं। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में एक दिलचस्प प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें मेलबर्न के एक ऐसे बाजार का वीडियो दिखाया गया, जहां समय-समय पर आकर्षक सेल और विशेष ऑफर लगाए जाते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इन ऑफर्स का असर ऐसा होता है कि कई लोग बिना खरीदारी की योजना बनाए भी कुछ न कुछ खरीद ही लेते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समुदाय जहां भी रहता है, वहां अपनी संस्कृति, परंपराओं और उत्सवों के माध्यम से एक विशेष पहचान बना लेता है। उन्होंने कहा कि मेलबर्न में भारतीय समुदाय न केवल आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान दे रहा है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इससे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लोगों के स्तर पर रिश्ते और अधिक मजबूत हुए हैं। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि विदेश में रहकर भी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं और अपनी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय समुदाय आने वाले समय में भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। पीएम मोदी ने कहा,आप में से कई लोग ऐसे होंगे जो अपने घरों में कम से कम दो टाइम जोन मैनेज करते होंगे. यहां बच्चे ऑस्ट्रेलियाई समय के हिसाब से स्कूल से लौटते हैं, जबकि भारत में दादा-दादी वीडियो कॉल से जुड़ने का इंतज़ार कर रहे होते हैं.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘यहां वीकेंड हो सकता है, फिर भी भारत में किसी शादी का लाइव स्ट्रीम चल रहा होता है. दूसरे शब्दों में, भले ही फिजिकल दूरी हजारों किलोमीटर हो, आपका डेली रूटीन भारत से गहराई से जुड़ा रहता है. और इस रूटीन के साथ-साथ, आप सभी ऑस्ट्रेलिया के विकास में पूरी ताकत से योगदान दे रहे हैं. मुझे आप सभी पर गर्व है.’

गगनयान से 5G तक मेलबर्न में पीएम मोदी का विजन

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भारत की विज्ञान और तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष अभियानों, डिजिटल तकनीक, 5जी नेटवर्क, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार में तेजी से प्रगति कर रहा है। गगनयान मिशन जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक हैं और देश भविष्य की तकनीकों में वैश्विक भूमिका निभाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कृषि और विकास से संबंधित सरकार की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि को प्रोत्साहित करने और उत्पादन क्षमता में सुधार के लिए अनेक योजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने “ग्रो मोर, अचीव मोर” जैसे प्रयासों का हवाला देते हुए कहा कि विकास का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुचाना सरकार का लक्ष्य है। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की स्थितियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय अपनी मेहनत, कौशल और संस्कृति के माध्यम से दोनों देशों के बीच एक मजबूत संबंध बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विदेश में रहने के बावजूद भारतीय अपने परिवार, संस्कृति और परंपराओं से गहरे जुड़ाव में रहते हैं। उन्होंने बताया कि आज तकनीक ने दूरियों को बहुत कम कर दिया है और दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाला भारतीय अपने परिवार और देश से लगातार जुड़ता रह सकता है। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा और ऊर्जा सहयोग का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास कर रहे हैं।

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