भारतीय सिनेमा जगत के सबसे बड़े सम्मान राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के 71वें संस्करण का आयोजन मंगलवार को राजधानी दिल्ली में किया जा गया था। इस दौरान मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के दौरान दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

जबकि शाहरुख खान और विक्रांत मैसी को बेस्ट एक्टर के सम्मान से नवाजा गया है। इसके अलावा रानी मुखर्जी को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया है। बेस्ट फिल्म के तौर पर 12th फेल को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का खिताब मिला है।
यह अवॉर्ड साल 2023 में रिलीज हुई फिल्मों, शॉर्ट फिल्म और अन्य कई कैटेगरी में मिला। बता दें कि, 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा 1 अगस्त को की गई थी। सुपरस्टार शाहरुख खान को उनकी फिल्म ‘जवान’ के लिए पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई थी।उनके साथ विक्रांत मैसी को ’12वीं फेल’ के लिए भी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। शाहरुख खान को भी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी। उनके ‘कर्णभारम’ के किरदार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर केंद्रित फिल्में बन रही हैं। भारतीय संस्कृति के आधार बनाकर फिल्में बन रही हैं। फिल्में बनाने में बहुत मेहनत लगती है। उन्होंने महिलाओं और भारतीय कल्चर और समाज पर फिल्में बनाने वालों को बधाई दी।
मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवॉर्ड से सम्मनित किया गया। इस दौरान उनकी फिल्म इंडस्ट्री की जर्नी को दिखाया गया था। इस दौरान मोहनलाल भावुक होते हुए नजर आए थे। उन्होंने अवॉर्ड जीतने पर खुशी जताई और वहा मौजूद लोगों को संबोधित किया था।
विधु विनोद चोपड़ा की ’12वीं फेल’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म पुरस्कार मिला। जबकि ऑफबीट कॉमेडी ‘कटहल – ए जैकफ्रूट मिस्ट्री’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म के रूप में सम्मानित किया गया।
फीचर फिल्म के विनर्स के नाम:
बेस्ट फीचर फिल्म- 12वीं फेल
बेस्ट चिल्ड्रन फिल्म – नाल 2 (मराठी)
बेस्ट फीचर फिल्म प्रमोटिंग नेशनल, सोशल वैल्यूज- सैम बहादुर
बेस्ट पॉपुलर फिल्म – रॉकी और रानी की प्रेम कहानी
बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर- आशीष बेंडे, आत्मपॅम्फ्लेट (मराठी)
बेस्ट फिल्म (एनिमेशन, वीएफएक्स, कॉमिक)- हनु-मान (तेलुगू)
बेस्ट डायरेक्शन- सुदिप्तो सेन, द केरल स्टोरी
बेस्ट एक्टर- शाहरुख खान (जवान), विक्रांत मैसी (12वीं फेल)
बेस्ट एक्ट्रेस- रानी मुखर्जी (मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे)
बेस्ट एक्टर इन ए सपोर्टिंग रोल- विजय राघवन (पुक्कलम), सोमू भास्कर (पार्किंग)
बेस्ट एक्ट्रेस इन ए सर्पोटिंग रोल- उर्वशी (उल्लुझुकु), जानकी बोडीवाला (वश)
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- सुकृति वेनी (गांधी कथा चेतु), कबीर खंडारे (जिप्सी), त्रिशा तोसार, श्रीनिवास पोकले और भार्गव जगपात (नाल 2)
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- पीवीएनएस रोहित, तेलुगू (बेबी)
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- चलेया (जवान), शिल्पा राव
बेस्ट सिनेमेटोग्राफी- प्रशांतनु मोहपात्रा (द केरल स्टोरी)
बेस्ट डायलॉग राइटर- दीपक किंगरानी (सिर्फ एक बंदा काफी है)
बेस्ट स्क्रीनप्ले- रामकुमार बालकृष्णन, बेबी (तेलुगू), साई राजेश नीलम, पार्किंग (तमिल)
बेस्ट साउंड डिजाइन (हिंदी)- एनिमल (सचिन सुधाकरन, हरिहरन मुरलीधरन)
बेस्ट एडिटिंग- मिधुन मुरली, पुक्कलम (मलयालम)
बेस्ट प्रोडकशन डिजाइन- मोहनदास, एवरीवन इज ए हीरो (मलयालम)
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन- सैम बहादुर (सचिन लाावलेकर, दिव्या गंभीर, निधी गंभीर)
बेस्ट मेकअप- सैम बहादुर (श्रीकांत देसाई)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन बैकग्राउंड स्कोर- हर्षवर्धन रामेश्वर (एनिमल)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन- जीवी प्रकाश कुमार, वाथी (तमिल)
बेस्ट लिरक्सि- कासला श्याम, बलगम (तेलुगू)
बेस्ट कोरियोग्राफी- ढिंढोरा बाजे, वैभवी मर्चेंट (रॉकी और रानी की प्रेम कहानी)
बेस्ट एक्शन डायरेक्शन- हनु-मान (तेलुगू)
बेस्ट गुजराती फिल्म – वश
बेस्ट बंगाली फिल्म – डीप फ्रीज
बेस्ट असमी फिल्म – रोंगातपु
बेस्ट हिंदी फिल्म – कटहल
बेस्ट कन्नड़ फिल्म – कंडीलू
बेस्ट स्पेशल मेंशन फीचर फिल्म – एनिमल (री रिकॉर्डिंग मिक्सर, एमआर राजाकृष्णन)
बेस्ट ताई फाके फीचर फिल्म – पाई तांग.. स्टेप ऑफ होप
बेस्ट गारो फीचर फिल्म – रिमदोगितांगा
बेस्ट तेलुगू फीचर फिल्म – भगवंत केसरी
बेस्ट तमिल फीचर फिल्म – पार्किंग
बेस्ट पंजाबी फीचर फिल्म – गोड्डे गोड्डे चा
बेस्ट ओडिया फीचर फिल्म – पुष्कर
बेस्ट मराठी फीचर फिल्म – श्यामचि आई
बेस्ट मलयालम फीचर फिल्म – उल्लुझुकु
नॉन फीचर फिल्म के विनर्स:
बेस्ट स्पेशल मेंशन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड – नेकल (मलयालम)
बेस्ट म्यूजिक नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
बेस्ट स्क्रिप्ट इन नॉन फीचर फिल्म – सनफ्लावर्स वेयर द फिर्स वन्स टू नो (कन्नड़)
बेस्ट एडिटंग नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- नीलाद्री रॉय, मूविंग फोकस (इंग्लिश)
बेस्ट वॉइस ओवर इन नॉन फीचर फिल्म – हरिकृष्ण एस (द सैक्रेड जैक: एक्सप्लोरिंग द ट्री विशेज)
बेस्ट साउंड डिजाइन नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- शुभअरुण सेनगुप्ता, धुंधगिरी के फूल (हिंदी)
बेस्ट सिनेमेटोग्राफी नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- लिटिल विंग्स (तमिल)
बेस्ट डायरेक्टर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- पीयूष ठाकुर, द फर्स्ट फिल्म (हिंदी)
बेस्ट शॉर्ट फिल्म नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- गिद्ध द स्कैवेंगर (हिंदी)
बेस्ट नॉन फीचर फिल्म प्रमोटिंग सोशल वैल्यूज अवॉर्ड- द साइलेंट एपिडेमिक (हिंदी)
बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म अवॉर्ड- गॉड वल्चर एंड ह्यूमन (इंग्लिश)
बेस्ट आर्ट्स/कल्चर नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- टाइमलेस तमिलनाडु (इंग्लिश)
बेस्ट बायोग्राफिकल हिस्टोरिकल रीकंस्ट्रक्शन- मो बाउ, मो गांव (सुभाष साहू)
बेस्ट डेब्यू फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर (नॉन फीचर)- माउ: द स्पिरिट आफफ ड्रीम ऑफ चेरॉ (मिजो)
बेस्ट नॉन फीचर फिल्म अवॉर्ड- द फ्लॉवरिंग मैन (हिंदी)










