Varanasi की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई फिलहाल टल गई है। अदालत को यह तय करना था कि कथित भड़काऊ भाषण मामले में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण फैसला नहीं हो सका। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की गई है। यह मामला राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने अमेरिका के एक शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे समाज के एक वर्ग में असंतोष पैदा हुआ है। इसी आधार पर अदालत में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की शुरुआत एक याचिका से हुई थी, जिसे पहले संबंधित अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उच्च स्तर पर पुनरीक्षण याचिका दाखिल की। चूंकि मामला एक सांसद से संबंधित था, इसलिए इसे सुनवाई के लिए विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में भेजा गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दलीलों पर विचार किया। हालांकि निर्धारित दिन पर न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण अंतिम निर्णय नहीं सुनाया जा सका। अदालत ने अब नई तारीख तय करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला काफी चर्चा में है। आगामी सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि अदालत का फैसला यह तय करेगा कि राहुल गांधी के खिलाफ आगे कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी या नहीं। फिलहाल 16 जून को होने वाली सुनवाई को इस मामले का अहम पड़ाव माना जा रहा है। अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से 12 मई 2025 को दाखिल परिवाद में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों व महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रहे हैं. राहुल गांधी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को काल्पनिक पात्र बताकर विवादास्पद बयान दिया है. उनके द्वारा पूर्व में भी भगवान श्रीराम को लेकर ऐसा ही बयान दिया जाता रहा है.











