बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंपा।नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की अंतिम बैठक भी की। यह बैठक उनके निवर्तमान मंत्रिमंडल की अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद हुई। बैठक के समापन के बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री आवास का रुख किया। सूत्रों के मुताबिक, 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।बिहार में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन किया। गठबंधन को कुल 202 सीटों पर जीत मिली।जिसमें भाजपा की 89 सीटें,जदयू की 85 सीटें और लोजपा-रालोद को 19 सीटें,हम (एस) के पास 5 सीटें व रालोद ने 4 सीटों पर जीत हासिल की।इस जीत के साथ NDA ने बिहार में स्पष्ट बहुमत हासिल किया और सरकार गठन के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

नए मंत्रिमंडल का बंटवारा
विधायकों की संख्या के अनुसार मंत्रियों की संख्या भी तय की गई है। जिसमें भाजपा के विधायकों को 15-16 मंत्री पद औऱ जदयू के 14 मंत्री पद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों को 3 मंत्री पद और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) पार्टी को 1 मंत्री पद वराष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के विधायक को 1 मंत्री पद दिया जाएगा।इस बंटवारे से स्पष्ट है कि गठबंधन के सभी घटक दलों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलेगा।
शपथ ग्रहण समारोह
नीतीश कुमार के 10वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना के गांधी मैदान में सुरक्षा और आयोजन की व्यापक तैयारी की गई है। प्रशासन ने 17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान में आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ,दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ,असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वशर्मा,राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजनाथ सिंह शामिल होगे।गांधी मैदान में बड़े स्तर पर टेंट, विशेष गेट, भव्य मंच और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। VVIP आगमन, सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और मीडिया कवरेज के लिए विशेष योजना तैयार की गई है।

नीतीश कुमार ने पहले भी कई बार गांधी मैदान से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। नवंबर 2005 में उन्हें स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद उन्होंने गांधी मैदान में पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी।उस समय JDU ने 88 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा पाया था और भाजपा को गठबंधन में 55 सीटें मिली थीं। तब NDA के कुल 143 सीटों के नेतृत्वकर्ता के रूप में नीतीश कुमार ने पहली बार शपथ ली थी।
बिहार में राजनीतिक परिदृश्य में NDA की स्पष्ट बहुमत वाली जीत ने सरकार गठन को सहज बना दिया है। नीतीश कुमार का 10वां मुख्यमंत्री पद और गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह, बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक घटना के रूप में याद किया जाएगा।पटना प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और सभी संबंधित विभाग शपथ ग्रहण समारोह को सुचारू और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। यह समारोह बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।










