बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मयमनसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री के भीतर हिंदू कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीते 12 दिनों में यह हिंदू समुदाय के खिलाफ तीसरी हत्या की घटना है।मृतक की पहचान बिजेंद्र बिश्वास (40) के रूप में हुई है, जो भालुका उपजिला स्थित सुलताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। घटना सोमवार, 29 दिसंबर को शाम करीब 6:45 बजे हुई।
फैक्ट्री में ही तानी गई सरकारी बंदूक
पुलिस के अनुसार, आरोपी नोमान मियां (22) भी उसी फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड था। ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच बातचीत हो रही थी, तभी नोमान ने सरकारी शॉटगन बिजेंद्र पर तान दी। कुछ ही क्षणों बाद गोली चल गई, जो बिजेंद्र की बायीं जांघ में लगी। गंभीर रूप से घायल बिजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद पुलिस ने आरोपी नोमान मियां को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
12 दिन में 3 हिंदुओं की हत्या
मयमनसिंह जिले में ही 11 दिन पहले हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। दीपू पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था और बाद में उनके शव को फंदे से लटकाकर जला दिया गया। इस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।वहीं, 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल उर्फ सम्राट (29) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने उस पर जबरन वसूली का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया।
हिंदू घरों में आगजनी, डर का माहौल
चटगांव के राउजान इलाके में बीते 5 दिनों में सात हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस साल हिंसा में 184 मौतें
मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सलीश केंद्र के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में 184 लोगों की मौत हो चुकी है।12 दिसंबर को छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की गोली लगने से मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी। उसी दिन ढाका में डेली स्टार, प्रथम आलो, छायानट और उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालयों में आगजनी की गई।
यूनुस सरकार का बयान
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि किसी भी आरोप या अफवाह के आधार पर हिंसा को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
