बांग्लादेश में राजनीतिक हालात उस समय और बिगड़ गए जब जुलाई आंदोलन के प्रमुख नेता और शेख हसीना सरकार के कट्टर विरोधी शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार रात सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। उनकी मौत की खबर फैलते ही देशभर में हिंसा, आगजनी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

मीडिया संस्थानों पर हमला
हादी की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ढाका में देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों पर हमला कर दिया। भीड़ ने जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और आग लगा दी।आग लगने के बाद करीब 25 पत्रकार और कर्मचारी इमारत के अंदर फंस गए, जिन्हें बाद में सेना और दमकल विभाग की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।डेली स्टार की रिपोर्टर जैमा इस्लाम ने फेसबुक पर लिखा कि“मैं सांस नहीं ले पा रही हूं, चारों तरफ धुआं है। मैं अंदर फंसी हूं।”हालात को देखते हुए दोनों अखबार आज बंद रहेंगे और उनकी ऑनलाइन सेवाएं भी ठप कर दी गई हैं।
हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या
इसी बीच, बांग्लादेश के भालुका इलाके में धर्म का अपमान करने के आरोप में भीड़ ने एक हिंदू युवक की निर्मम हत्या कर दी।मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास (सीपी चंद्रा) के रूप में हुई है, जो एक स्थानीय कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था।पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे आरोप लगाकर युवक को नग्न किया गया, बेरहमी से पीटा गया, फिर फांसी पर लटकाकर उसकी लाश को खंभे से बांधकर आग लगा दी गई।
देशभर में आगजनी
हादी की मौत के विरोध में ढाका, चटगांव और अन्य जिलों में प्रदर्शन हुए।चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पथराव किया गया।पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के घर में आगजनी की गई।राजशाही स्थित अवामी लीग कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर भी हमला किया गया।
अंतरिम सरकार का सख्त रुख
अंतरिम राष्ट्रपति मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत को चुनाव से पहले हिंसा भड़काने की साजिश बताया है।सरकार ने शनिवार को राजकीय शोक दिवस घोषित किया है।राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 5 मिलियन टका इनाम घोषित किया गया है।यूनुस ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेश में रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने हैं। यह चुनाव अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद पहली बार होंगे।हसीना की पार्टी अवामी लीग पर चुनाव लड़ने और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है।