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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नया दांव

Israelऔर Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। हालिया सैन्य घटनाओं के बाद इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह जलमार्ग पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन इसके संचालन को लेकर नई व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं। ईरान का मानना है कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और संचालन में उसकी अहम भूमिका है, इसलिए कुछ नए नियम बनाए जाने जरूरी हैं। ईरान के राजनयिक काजेम जलाली ने संकेत दिया है कि भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से कुछ सेवाओं के बदले शुल्क लिया जा सकता है। उनका कहना है कि समुद्री सुरक्षा, निगरानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में ईरान और ओमान की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, इसलिए इन सेवाओं का उचित शुल्क निर्धारित किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की व्यवस्था लागू होती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। पहले से ही क्षेत्र में जारी तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क या नई शर्तों से परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। दुनिया के कई देश इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। खासकर वे देश जो मध्य-पूर्व से बड़े पैमाने पर तेल और गैस आयात करते हैं, उनके लिए होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में ईरान, ओमान और अन्य देशों के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का संचालन किस तरह आगे बढ़ेगा।

होर्मुज स्ट्रेट पर फीस वसूलने का अधिकार मांग रहा ईरान

ईरान का कहना है कि एक स्थायी शांति समझौते के तहत उसे इस स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों से शुल्क प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए। यह शुल्क नाव के प्रकार, उसके सामान और उस समय की परिस्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रांजिट शुल्क लगाने का सख्त विरोध किया है. मई के अंत में अमेरिका ने ओमान को सावधान किया था कि वह ईरान के साथ मिलकर किसी भी तरह के ट्रांजिट टोल लगाने में शामिल न हो. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ओमान के राजदूत ने उन्हें सूचित किया है कि कोई ऐसी योजना नहीं है. युद्ध से पहले जापान अपनी तेल आवश्यकताओं का लगभग 95% मध्य-पूर्व से प्राप्त करता था. जापान ने सोमवार को बताया कि मई में जापान से संबंधित एक कच्चे तेल का टैंकर जब होर्मुज स्ट्रेट से निकला था, तब उसने किसी प्रकार की पारगमन शुल्क का भुगतान नहीं किया था। इस बीच सोमवार को इजरायल ने बताया कि उसने पश्चिम और मध्य ईरान में सैन्य स्थलों पर हमले किए हैं। ऐसी जानकारी है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से आगे के हमलों से बचने का अनुरोध किया था। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर दुनिया की नजरें होर्मुज स्ट्रेट पर लग गई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य हमलों ने इस क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता की स्थिति पैदा हो रही है। इस बीच, ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान आया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह से बंद नहीं होगा |
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को भविष्य में कुछ सेवाओं के लिए शुल्क चुकाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन सहायता और अन्य व्यवस्थाओं में ईरान और ओमान की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए इन सेवाओं का आर्थिक मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से विभिन्न देशों में पहुंचती है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा या नई शर्तों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, तो तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। इसका असर केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं होगा, बल्कि परिवहन, उद्योग और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर भपड़ेगा। अमेरिका ने ईरान के इस रुख पर पहले चिंता व्यक्त की है। वॉशिंगटन मानता है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर किसी एक देश का अतिरिक्त नियंत्रण वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बन सकता है। इसी कारण अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नजरं इस मुद्दे पर बनहुई हैं। ओमान का नाम भी इस चर्चा में प्रमुखता से लिया गया है। होर्मुज स्ट्रेट का एक भाग ओमान की समुद्री सीमा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस मार्ग के संचालन और सुरक्षा से संबंधित किसी भी निर्णय में ओमान की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। हाल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही है कि यदि संघर्ष बढ़ता है, तो इसका प्रभाव समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ेगा।

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