संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं बैठक के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसका किसी को यकीन नहीं था। UN महासभा की बैठक के दौरान इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू को सामूहिक बहिष्कार का सामना करना पड़ गया। अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने गाजा पर विनाशकारी युद्ध जारी रखने की कसम खाई। इस दौरान जहां कुछ लोगों ने उनके इस वक्तव्य का तालियों स्वागत किया; तो वहीं, कुछ लोग अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और नेतन्याहू के भाषण का बहिष्कार करते हुए हाल से बाहर निकल गए। एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने संबोधन के दौरान इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनका भाषण लाउडस्पीरों के माध्मय से गाजा में भी प्रसारित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि इस भाषण को इजरायल के बंधक भी सुन सकें।

इजरायल के PM नेतन्याहू ने उस फैसले की भी निंदा की, जिसमें विश्व के कई देशों ने हाल के दिनों में फिलिस्तीन को राष्ट्र का दर्जा दिया है। उन्होंने इस फैसले को शर्मनाक करार दिया।
अपने संबोधन के दौरान PM नेतन्याहू ने गाजा में इजरायली बंधकों को संदेश देते हुए कहा कि हम आपको नहीं भूले हैं। इजरायल आप सभी के साथ हैं। वहीं, हमास के दिए संदेश में उन्होंने कहा कि अपने हथियार डाल दो। मेरे लोगों को जाने दो। इसके अलावा हमास को धमकाते हुए उन्होंने कहा कि अगर तुम ऐसा करोगे, तो तुम जिंदा बचोगे। अगर तुम ऐसा नहीं करोगे, तो इजरायल तुम्हारा शिकार करेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को अब तक का सबसे बड़ा झटका दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह इजरायल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की इजाजत नहीं देंगे। गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी कहा है कि अब रुकने का समय आ गया है।
दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को ओवल ऑफिस में कुछ कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे। इस दौरान ट्रंप ने साफ तौर पर इजरायल का जिक्र करते हुए कहा कि वह इजरायल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की इजाजत नहीं देंगे। ट्रंप ने कहा कि “बहुत हो चुका, अब रुकने का समय आ गया है।” डोनाल्ड ट्रंप बीते लंबे समय से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को घनिष्ठ बताते हैं और उसका बखान करते हुए दिखते हैं। हालांकि, अब ट्रंप को अरब देशों के नेताओं के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अरब नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इजरायली सेना द्वारा और अधिक क्षेत्र पर कब्जा करने की कार्रवाई पर चिंता जताई है। इसके अलावा कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता दिए जाने के बाद अमेरिका और इजरायल अलग-अलग पड़ गए हैं दरअसल, वेस्ट बैंक में 30 लाख के करीब फिलिस्तीनी रहते हैं। यहां शासन तो पश्चिम देशों से समर्थित फिलिस्तीनी प्राधिकरण का है लेकिन इस क्षेत्र पर हमेशा इजरायली सेना का पहरा रहता है। आपको बता दें कि इजराइल ने 1967 के युद्ध में वेस्ट बैंक पर कब्जा कर लिया था। फिलस्तीनी चाहते हैं कि यह उनके भावी राष्ट्र का मुख्य हिस्सा बने। इजरायल पहले ही इस क्षेत्र में 100 से अधिक बस्तियां बसा चुका है, जिनमें लगभग पांच लाख लोग रह रहे हैं।

नेतन्याहू ने भाषण के दौरान एक नक्शा और QR कोड का इस्तेमाल किया. नक्शे पर उन्होंने बड़े निशान बनाकर ध्यान खींचा। बाद में उन्होंने अपने सूट जैकेट पर एक क्यूआर कोड लगाया और एक बोर्ड दिखाया, जिस पर मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQ)लिखे थे, जिसे उन्होंने श्रोताओं को पढ़कर सुनाया।










