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सुनारिया जेल से बाहर आए राम रहीम, सिरसा के लिए रवाना

हरियाणा की सुनारिया जेल में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। इस बार उसे 21 दिनों की फरलॉ मिली है। मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर राम रहीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। जेल से बाहर आते ही वह सुरक्षा काफिले के साथ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय के लिए रवाना हो गया। फरलॉ की पूरी अवधि के दौरान उसका ठिकाना सिरसा डेरा ही रहेगा।

राम रहीम की यह रिहाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि साल 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद यह उसकी 17वीं अस्थायी रिहाई है। वहीं, साल 2026 में ही वह तीसरी बार जेल से बाहर आया है। इससे पहले जनवरी 2026 में उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई में उसे 30 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आने की अनुमति दी गई थी। मई में मिली पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद राम रहीम 26 जून को दोबारा सुनारिया जेल पहुंचा था। अब करीब दो महीने बाद उसे फिर से अस्थायी रिहाई मिल गई है।

20 साल की सजा काट रहा है राम रहीम

गुरमीत राम रहीम दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। साल 2017 में पंचकूला की विशेष CBI अदालत ने उसे इन मामलों में दोषी करार दिया था। अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में उसे 10-10 साल की सजा सुनाई थी। दोनों सजाएं एक के बाद एक चलने के कारण उसकी कुल सजा 20 साल निर्धारित हुई।राम रहीम की सजा के बाद से ही उसकी जेल से होने वाली अस्थायी रिहाइयां लगातार चर्चा में रही हैं। हर बार पैरोल या फरलॉ मिलने पर उसकी रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस देखने को मिलती रही है।

हत्या के मामलों में भी आया था नाम

राम रहीम का नाम केवल दुष्कर्म के मामलों तक सीमित नहीं रहा है। डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या और पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में भी उसे दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों हत्या के मामलों में उसे बरी कर दिया था।इन मामलों के कारण भी राम रहीम लंबे समय से देशभर में चर्चा में रहा है। वहीं, उसकी लगातार होने वाली अस्थायी रिहाइयों ने भी इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में बनाए रखा है।

2026 में तीसरी बार जेल से बाहर

इस साल राम रहीम की यह तीसरी अस्थायी रिहाई है। जनवरी 2026 में उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई में 30 दिनों की पैरोल दी गई। मई की पैरोल खत्म होने के बाद वह 26 जून को वापस सुनारिया जेल पहुंच गया था। अब अगस्त में उसे 21 दिनों की फरलॉ दी गई है।इस तरह कुछ ही महीनों के अंतराल में उसे लगातार तीन बार जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है। यही वजह है कि उसकी ताजा फरलॉ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।

पैरोल और फरलॉ में क्या अंतर है?

राम रहीम की रिहाई के साथ एक बार फिर पैरोल और फरलॉ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आम तौर पर दोनों के तहत कैदी को कुछ निर्धारित अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति मिलती है, लेकिन दोनों की कानूनी प्रकृति और नियम अलग-अलग होते हैं।हरियाणा के जेल नियमों के तहत पात्र कैदियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार पैरोल और फरलॉ की सुविधा दी जा सकती है। फरलॉ आम तौर पर कैदी को निर्धारित अवधि के लिए जेल से बाहर रहने का अवसर देती है और इसकी अवधि सजा की गणना में शामिल होती है। वहीं, पैरोल की अपनी अलग कानूनी प्रक्रिया और शर्तें होती हैं।राम रहीम को इस बार पैरोल नहीं, बल्कि 21 दिनों की फरलॉ मिली है। यही वजह है कि उसकी मौजूदा रिहाई को लेकर यह अंतर विशेष रूप से चर्चा में है।

इस बार सिरसा डेरा रहेगा ठिकाना

पिछली कई रिहाइयों के दौरान राम रहीम को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहने की अनुमति दी गई थी। वह कई बार पैरोल और फरलॉ के दौरान वहीं रहा। हालांकि, हाल की रिहाइयों में उसके ठहरने का स्थान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय रहा है।इस बार भी फरलॉ के दौरान राम रहीम को सिरसा डेरा में रहने की अनुमति दी गई है। जेल से बाहर निकलने के बाद उसका काफिला सीधे सिरसा के लिए रवाना हो गया।

कड़ी सुरक्षा के बीच निकला काफिला

राम रहीम की रिहाई को देखते हुए सुनारिया जेल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे वह SUV से जेल परिसर से बाहर निकला। उसके साथ सुरक्षा बलों का काफिला मौजूद था।जेल से बाहर निकलने के बाद वह सीधे सिरसा के लिए रवाना हुआ। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उसके आने-जाने के दौरान पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए गए।

17वीं अस्थायी रिहाई क्यों चर्चा में?

राम रहीम की यह 17वीं अस्थायी रिहाई है। 2017 में सजा होने के बाद से वह कई बार पैरोल और फरलॉ के जरिए जेल से बाहर आ चुका है। उसकी हर रिहाई के साथ यही सवाल उठता रहा है कि उसे इतनी बार अस्थायी रिहाई किस आधार पर मिल रही है और इसके पीछे जेल नियमों के तहत क्या प्रक्रिया है।इस साल जनवरी में 40 दिन की पैरोल, मई में 30 दिन की पैरोल और अब अगस्त में 21 दिन की फरलॉ मिलने के बाद यह चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

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