FCRA पर अमेरिकी संसद बयान को भारत ने किया इनकार,यह हमारा मामला भारत में fcra bill पर अमेरिकी संसद खारिज करते हुए कहा है की यह भारत का मामला है | इस का फैसला भारत करेगी | विदेश मंत्रालय ने याद दिलाया की अमेरिका के साथ कई देश विदेश Fund को नियंत्रित करते हैं। उसके साथ ही भारत ने समुद्री सुरक्षा और बांग्लादेश से जुड़े सवालों पर भी अपना पक्ष रखा भारत ने विदेशी Contribution Regulation Act (FCRA) Bill पर अमेरिकी संसद को स्पष्ट जवाब दिया है। भारत के कानूनी मामलों पर फैसला देश की संसद करती है | और पूरी तरह भारत का विषय है | विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि विदेशी fund को संभालना के नियम केवल भारत में नहीं है बल्कि अमेरिका के साथ साथ और भी देशों में लागू हैं।
एफसीआरए पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने FCRA पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी देखी है। उन्होंने कहा कि भारत में कानून बनाने से जुड़े फैसले संसद लेती है। अमेरिका सहित कई देशों में विदेश से आने वाले धन की निगरानी के लिए अपने-अपने कानून लागू हैं।

समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत ने क्या कहा?
भारत ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। भारतीय मिशन लगातार जहाजरानी मंत्रालय और समुद्री प्राधिकरणों के संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों को समय पर सुरक्षित निकाला जा सके। भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए।
भारतीय नाविकों के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मिशन की 24×7 हेल्पलाइन कई महीनों से संचालित की जा रही है। केवल जहाज के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद अन्य भारतीय भी इस हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय मिशन लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। भारत ने सभी पक्षों से अपील की है कि आम नागरिकों, व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मियों को निशाना न बनाया जाए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध व्यापार जारी रखने पर भी जोर दिया गया।
शेख हसीना के कार्यक्रम पर सरकार ने क्या कहा?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को हुए मीडिया कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह एक मीडिया कार्यक्रम था और इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि मंच पर कई बातें कही गईं, लेकिन बांग्लादेश से जुड़े उन बयानों का भारत सरकार समर्थन नहीं करती।
भारत ने अमेरिका का उदाहरण क्यों दिया?
FCRA पर अपनी बात रखते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाले कानून केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका समेत कई देशों में भी विदेशी धन के प्रवाह पर निगरानी रखने के लिए कानून लागू हैं। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कानून राष्ट्रीय हित, पारदर्शिता और नियामक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा हैं।










