थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पुराना सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले चुका है। सोमवार सुबह थाई सेना ने कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष शुरू करने का आरोप लगाया। कई सीमावर्ती गांवों के लोग मंदिर क्षेत्रों में गोलीबारी के बाद गांव छोड़कर भागने लगे हैं।

थाईलैंड का दावा-कंबोडिया ने पहले हमला किया
थाई सेना के प्रवक्ता मेजर विंथाई सुवारी ने कहा कि सोमवार तड़के कंबोडियाई सैनिकों ने उबोन रात्चाथानी प्रांत के पास थाई चौकी पर फायरिंग की। हमले में एक थाई सैनिक की मौत और चार घायल हो गए।इसके बाद थाई सेना ने कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू की।“हमारे सैन्य ठिकानों पर सपोर्टिंग फायर वेपन से हमला किया गया। इसके बाद कई इलाकों में एयरक्राफ्ट की मदद से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।”
थाईलैंड ने यह भी आरोप लगाया कि कंबोडियाई सेना ने बुरी राम प्रांत के नागरिक इलाकों पर BM-21 रॉकेट दागे, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
कंबोडिया का आरोप-मंदिरों पर हमला, सीजफायर का उल्लंघन
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि थाई एयर स्ट्राइक प्रीह विहियर और ओडर मींची प्रांतों के पास सुबह 5:04 बजे हुई।कंबोडिया ने दावा किया कि थाई सेना ने तामोन थॉम और ता क्रबेई मंदिर के आसपास स्थित क्षेत्रों पर टैंकों से भी गोलाबारी की।“थाई सेना ने अमानवीय और बर्बर कार्रवाई की है। यह 26 अक्टूबर के सीजफायर का खुला उल्लंघन है। कंबोडिया ने कोई जवाबी हमला नहीं किया।थाईलैंड के सेकंड आर्मी रीजन के अनुसार, संघर्ष बढ़ने के बाद 35,000 से अधिक थाई नागरिकों को सीमा क्षेत्रों से निकाला गया है।दोनों देशों ने रविवार को भी एक छोटे संघर्ष की पुष्टि की थी, जिसमें दो थाई सैनिक घायल हुए थे।
ट्रंप की मध्यस्थता के बावजूद संघर्ष जारी
अक्टूबर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ था। इस दौरान नए ट्रेड एग्रीमेंट के लिए एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर भी हुए थे।लेकिन पिछले महीने थाईलैंड ने लैंडमाइन ब्लास्ट में सैनिकों के घायल होने के बाद इस समझौते को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से छोटे-मोटे संघर्ष लगातार होते रहे।
जुलाई में हुआ था बड़ा संघर्ष
जुलाई 2025 में दोनों देशों के बीच पाँच दिन तक चली झड़पों में 48 लोगों की मौत हुई थी।लगभग 3 लाख लोग विस्थापित हुए थे।दोनों देशों ने एक-दूसरे पर रॉकेट दागे थे।इस संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी दबाव बना और अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया।
क्या है विवाद की जड़?
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच यह सीमा विवाद फ्रेंच कॉलोनियल दौर के पुराने नक्शों पर आधारित है। विशेष रूप से कई प्राचीन मंदिरों जैसे प्रीह विहियर, ता क्रबेई, तामोन थॉम पर दोनों देश दावा करते हैं।इन्हीं मंदिरों के आसपास तनाव सबसे ज्यादा देखा जाता है।
दोनों देश एक-दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।एयर स्ट्राइक और गोलाबारी लगातार जारी है।हजारों नागरिक विस्थापिन कर रहे हैं।मंदिर क्षेत्रों पर तनाव चरम पर हैं।










