पाकिस्तान में एक बार फिर रेल मार्ग को आतंक का निशाना बनाया गया है। मंगलवार सुबह सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले में सुल्तान कोट के पास क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस पर भीषण हमला हुआ। जानकारी के मुताबिक, पटरी पर पहले से लगाया गया इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिसके बाद ट्रेन की कई बोगियां पटरी से उतर गईं।
धमाके के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और इलाके में गोलियों की आवाजें भी सुनाई देने लगीं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में कम से कम 7 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को कॉम्बाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) और शिकरपुर सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

धमाका सुबह 8:15 बजे हुआ
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह धमाका मंगलवार सुबह 8:15 बजे हुआ। उस समय जाफर एक्सप्रेस, जैकबाबाद होते हुए क्वेटा की ओर जा रही थी। ट्रेन सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर थी, जब आईईडी विस्फोट से पटरी क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रेन की चार से पांच बोगियां पटरी से उतर गईं।
बलूच विद्रोही संगठन ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी बलूच उग्रवादी संगठन बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने ली है। संगठन ने अपने बयान में कहा –“यह हमला उस समय किया गया जब कब्जा करने वाली पाकिस्तानी सेना के जवान ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। विस्फोट में कई सैनिक मारे गए और घायल हुए। बलूचिस्तान की आजादी तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे।”हालांकि अब तक पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से किसी भी यात्री या सैनिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटनास्थल पर अफरा-तफरी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ट्रेन की बोगियां पटरी से उतरकर किनारे जा गिरीं। कई यात्री जमीन पर लेटे हुए दिखाई दिए और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन चलाया जा हा है।
बार-बार निशाना बन रही जाफर एक्सप्रेस
गौरतलब है कि जाफर एक्सप्रेस इससे पहले भी कई बार आतंकी हमलों का शिकार हो चुकी है।अगस्त 2025 में बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में इसी ट्रेन को आईईडी धमाके से निशाना बनाया गया था, जिसमें 6 कोच क्षतिग्रस्त हुए थे और कई यात्री घायल हुए थे।पिछले कुछ वर्षों में बलूचिस्तान और सिंध में रेलमार्गों को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है। आतंकियों का मुख्य मकसद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और सेना को कमजोर करना बताया जाता है।
रेल सेवा बाधित, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
हमले के बाद इस रूट पर रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। रेलवे विभाग और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ट्रैक की मरम्मत और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं। इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में रेल सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने की सरकारी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जाफर एक्सप्रेस पर यह हमला पाकिस्तान के लिए कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उस लगातार चल रहे संघर्ष की कड़ी है जो बलूच विद्रोहियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच दशकों से जारी है। हालांकि इस बार भी ज्यादा जनहानि से बचाव हो गया है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान में आम नागरिकों के लिए ट्रेन से सफर करना अब भी खतरे से खाली नहीं है।