पाकिस्तान हमेशा से बेशर्मी से गलत इतिहास लिखता आया है। जैसे 1971 के युद्ध में भी वो खुद को विजेता बताता है, जब ना सिर्फ पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गये थे, बल्कि पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारत के सामने सरेंडर कर दिया था। पाकिस्तान ने स्कूली किताबों में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जी-भरक झूठ बोले हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक कुल जमा चार युद्ध हुए हैं। इन चारों युद्धों में भारत ने निर्णायक जीत हासिल की है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी आवाम को भ्रम में रखने के लिए इन युद्धों की पूरी कहानी को ही बदल दिया। आज भी पाकिस्तानी समाज उनकी सरकारों द्वारा फैलाए गए इस भ्रम में ही जी रहा है। हाल ही में इसका हमें ताजा उदाहरण भी देखने को मिला। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए तनाव को पाकिस्तान ने अपनी स्कूली किताबों में शामिल किया है। हालांकि पाकिस्तान यहां भी अपनी जनता को झूठ परोसने से बाज नहीं आया, उसने इस संघर्ष को भी जनता के सामने अपनी जीत बताना शुरू कर दिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी प्रशासन द्वारा संशोधित किए गए इस पाठ्यक्रम में पाकिस्तान के नुकसान को पूरी तरह से हटा दिया गया। इतना ही नहीं उसने भारत के ऊपर झूठे हमले की कहानी को भी शामिल कर लिया। नए पाकिस्तानी पाठ्यक्रम में यह दावा किया गया, “दोनों देशों के बीच यह तनाव 6 मई को शुरू हुआ था। इस दिन भारत ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का आरोप लगाककर बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान पर लगाकर हमला कर दिया।”

पहला झूठ भारत ने शुरू की थी जंग
पूरी दुनिया को पता है कि 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में 22 लोगों की हत्या की थी। इसके बाद भारत ने 7 मई की रात को आपरेशन सिंदूर के तहत POK और पाकिस्तान के अन्य इलाकों में स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। जिसमें 100 से भी ज्यादा आतंकी मारे गए।
दूसरा झूठ: भारत के ठिकानों को निशाना बनाया
पाकिस्तानी ने किताब में लिखा है कि उनसे सेनाओं ने भारत के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। हालांकि भारतीय सेना ने सैटेलाइट इमेज और कई वीडियो दिखाकर पाकिस्तान की पोल खोल दी। भारतीय सेना ने आतंकियों की मदद कर रहे पाकिस्तानी सेना को मुंह तोड़ जवाब देते हुए कई एयरबेस को तबाह किया।
किताब में यह झूठ भी लिखा गया है कि पाकिस्तान ने केवल सैन्य चौकियों को निशाना बनाया। वहीं इसमें कहा गया है कि भारत ने पाकिस्तान के आम नागरिकों पर हमला किया है। पाकिस्तान ने झूठी जानकारी देते हुए कहा कि उसने भारतीय हवाई ठिकानों सहित 26 पॉलिटिकल ठिकानों को निशाना बनाया।

तीसरा झूठ: खुद को हुए नुकसान को नकारा
पाकिस्तानी सिलेबस में भारतीय सेना की ओर से मचाई गई तबाही को छिपा लिया गया। पाकिस्तान की ओर से भारत के सैन्य ठिकानों पर नाकाम कोशिश करने के बाद भारतीय सेना ने मुरीदके, नूर खान, रफीकी, सरगोधा, चकलाला और रहीम यार खान एयरबेस को न सिर्फ तबाह किया, बल्कि उसके सबूत भी दिखाए। पाकिस्तान के सभी हमलों को भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
चौथा झूठ: सीजफायर को लेकर बताया झूठ
भारतीय सेना की ओर से भारी तबाही झेलने के बाद पाकिस्तान के पास शांति के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को फोन कर सीजफायर वार्ता का आग्रह किया तो पीएम मोदी ने दो टूक कहा था कि भारत पाकिस्तान के हमले को कड़ा जवाब देता रहेगा। इसके बाद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस जयशंकर को फोन कर कहा कि पाकिस्तान जंग समाप्त करना चाहता है। फिर पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन किया और सीजफायर समझौता हुआ. पाकिस्तान ने पहले युद्ध समाप्त करने की गुहार लगाई थी।










