बांग्लादेश में हाल ही में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई, जबकि 50 से ज्यादा घर और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। राजधानी ढाका सहित कई जिलों में झटकों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
भूकंप के अगले दिन भी शनिवार को देश तीन बार हल्के झटकों से कांपता रहा, जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई और हजारों लोग पहले से अधिक सतर्क हैं।
ढाका की स्थिति चिंताजनक
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह भूकंप ढाका की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करता है।
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ढाका जिला प्रशासन ने 14 इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की है।
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जबकि राजुक (हाउसिंग अथॉरिटी) ने 50 से अधिक इमारतों में नुकसान की बात कही है।
जांच जारी रहने के साथ नुकसान के आंकड़े और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में अवैज्ञानिक निर्माण, निगरानी की कमी और भवन कोड के पालन न होने के कारण जोखिम बढ़ गया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी — “यह बड़ा भूकंप आने का संकेत हो सकता है”
भूकंप विशेषज्ञों ने इसे संभावित बड़े भूकंप की चेतावनी माना है।
जिन इमारतों में दरारें या कमजोरी दिख रही है उनका तुरंत मूल्यांकन होना चाहिए। यह संभव है कि वर्तमान झटके बड़े भूकंप के संकेत हों। अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो भारी जनहानि हो सकती है।”
विशेषज्ञों ने सरकार से तुरंत कदम उठाने की अपील की है, जिसमें शामिल हैं —
क्षतिग्रस्त इमारतों की तत्काल जांच भवन निर्माण कोड का सख्त पालन पुराने और कमजोर भवनों को चिन्हित कर मरम्मत या निष्कासन भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारी
हालिया भूकंप ने दिखा दिया है कि बांग्लादेश भूकंपीय जोखिम के बेहद संवेदनशील क्षेत्र में है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभी कदम उठाना बेहद जरूरी है — क्योंकि अगला भूकंप कहीं ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।
