पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने के डर के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई थी। कई जगहों से खबरें आ रही थीं कि पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी हो सकती है। लेकिन अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल खत्म नहीं हुआ है और फिलहाल ऐसा होने की कोई संभावना नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और आम लोगों को ईंधन की कोई कमी नहीं होने वाली। उन्होंने कहा कि भारत हर दिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल करता है और देश दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है।सुजाता शर्मा ने कहा, “देशभर में करीब एक लाख पेट्रोल पंप काम कर रहे हैं और इनमें से अधिकांश सरकारी तेल कंपनियों के हैं। फिलहाल किसी भी पंप पर पेट्रोल या डीजल खत्म होने की स्थिति नहीं है।”

एलपीजी की सप्लाई भी सामान्य
एलपीजी गैस को लेकर भी सरकार ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के आदेश दिए गए थे। इसका नतीजा यह हुआ कि घरेलू उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत हो गया, जो पहले लगभग 25 प्रतिशत था।
सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। देश में रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की जाती है।
हालांकि हाल के दिनों में लोगों की घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक वृद्धि देखी गई। मंत्रालय ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक बुकिंग न करें, क्योंकि फिलहाल सप्लाई पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है।
सरकार ने उठाए विशेष कदम
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे जरूरतमंद उपभोक्ताओं की सूची तैयार करें, ताकि घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा सके।इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से कहा कि वैश्विक हालात चाहे जैसे भी हों, भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और आम नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत की यह स्थिति देश की संतुलित और मजबूत ऊर्जा नीति का नतीजा है। भारत एक तरफ अमेरिका और इस्राइल के साथ अच्छे संबंध बनाए रखता है, वहीं ईरान के साथ भी कूटनीतिक संबंधों को मजबूत रखा है। यही कारण है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत को पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है।पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के खतरे के बावजूद भारत में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार लगातार निगरानी रख रही है और आम जनता को भरोसा दिलाया गया है कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी की कोई स्थिति नहीं है।