पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर अब सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश कर रहे हैं, जिसका फायदा सोना और चांदी को मिला है। दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है।
चांदी में 10,460 रुपये की छलांग ………………..चांदी की कीमत एक ही दिन में 10,460 रुपये बढ़कर 2.92 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
वायदा बाजार में भी तेजी देखने को मिली। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सिल्वर मार्च वायदा 3.04% बढ़कर 2,91,249 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। है कि वैश्विक तनाव और औद्योगिक मांग दोनों मिलकर चांदी को सपोर्ट दे रहे हैं।
सोना 1.67 लाख रुपये के पार
सोने की कीमत में भी 5,260 रुपये की तेज बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही सोना 1.67 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।MCX पर गोल्ड अप्रैल वायदा 3.12% बढ़कर 1,67,155 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों ने अस्थिर माहौल में तेजी से सोने की खरीदारी की।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हाल?
वैश्विक बाजार में भी सोने-चांदी में जबरदस्त तेजी रही।
अमेरिका के कमोडिटी एक्सचेंज COMEX पर सोना 5,400 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया और इंट्राडे में 2.5% से ज्यादा उछला।
वहीं चांदी 96.93 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक पहुंची, जो करीब 2% की तेजी दिखाती है।
तेजी की वजह क्या है?
- पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव – अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
- सुरक्षित निवेश की मांग – शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सोना-चांदी में पैसा लगा रहे हैं।
- डॉलर और ब्याज दरों को लेकर चिंता – अमेरिकी नीतियों और आर्थिक संकेतों को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो सोना और चांदी में और तेजी आ सकती है।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, चरम स्थिति में:
वैश्विक बाजार में सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।भारत में सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर सकती है। हालांकि यह पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगा।
इस साल 20% से ज्यादा चढ़ चुका है सोना
गौरतलब है कि इस साल अब तक सोने की कीमतों में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। जनवरी के बाद हल्की गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद लगातार सात महीने से तेजी बनी हुई है। इसे 1973 के बाद की सबसे लंबी तेजी में से एक माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या सलाह?
घबराहट में ज्यादा खरीदारी न करें लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करेंपोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखेंसोना-चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर सीमित हिस्से में रखें पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना-चांदी एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बन गए हैं। फिलहाल बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है, लेकिन आगे की दिशा पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।










